भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय देश के युवाओं, नए इनोवेशंस और स्टार्टअप्स को पूरी दुनिया में नई पहचान दिलाने के लिए लगातार काम कर रहा है. इसी कड़ी में देश के होनहार स्टार्टअप्स और यूनिवर्सिटीज को विदेशी निवेशकों से जोड़ने के लिए फ्रांस की राजधानी पेरिस में बेहद खास ‘रोड-शो’ का आयोजन किया गया. यह रोड-शो मुख्य रूप से ‘भारत इनोवेट्स 2026’ नाम के इंटरनेशनल इवेंट की तैयारी का हिस्सा था. आइए जानते हैं कि यह पूरा कार्यक्रम क्या है और इससे भारत को क्या फायदा होगा?
क्या है भारत इनोवेट्स 2026?
‘भारत इनोवेट्स’ एक ग्लोबल समिट है, जो फ्रांस के खूबसूरत शहर नीस (Nice) में 14 से 16 जून 2026 तक आयोजित होगा. इसका मकसद भारत के ‘डीप-टेक स्टार्टअप्स’ (विज्ञान और तकनीक पर गहराई से काम करने वाली नई कंपनियां) और विश्वविद्यालयों को दुनिया भर के बड़े निवेशकों, अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और विदेशी रिसर्च संस्थानों के साथ जोड़ना है. यह एक ऐसा मंच है, जहां देश के युवा अपने शानदार आइडिया और नई तकनीक को दुनिया के सामने रखेंगे. वहीं, विदेशी निवेशक उनका बिजनेस बड़ा बनाने के लिए पैसा और जरूरी सहयोग देंगे.
पेरिस के रोड-शो में क्या रहा स्पेशल?
जून में होने वाले मुख्य कार्यक्रम से पहले पेरिस में यह रोड-शो इसलिए रखा गया, ताकि यूरोपीय निवेशकों को इस महासम्मेलन के बारे में जानकारी दी जा सके. इस कार्यक्रम में भारत के शिक्षा मंत्रालय, पेरिस स्थित भारतीय दूतावास और भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के 50 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. फ्रांस की तरफ से भी वहां की मशहूर टेक संस्थाओं जैसे ‘ला फ्रेंच टेक’ और ‘विवाटेक’ के साथ-साथ कई नामी शैक्षणिक संस्थानों के बड़े अधिकारियों ने शिरकत की. कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव केएम प्रफुल्लचंद्र शर्मा ने भारत और फ्रांस की मजबूत दोस्ती पर बात की. वहीं, संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल ने प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि विदेशी निवेशक भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप माहौल का हिस्सा बनकर कैसे मुनाफा कमा सकते हैं.
इन 13 आधुनिक तकनीकों पर रहेगा सबसे ज्यादा जोर
‘भारत इनोवेट्स’ सिर्फ आम बिजनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य की 13 सबसे खास और आधुनिक तकनीकों पर फोकस करेगा. इनमें से कुछ प्रमुख क्षेत्र इस प्रकार हैं.
- एडवांस्ड कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर्स: कंप्यूटर और मोबाइल की चिप बनाने की नई और तेज तकनीक.
- अगली पीढ़ी के संचार माध्यम: इंटरनेट और बातचीत के नए तरीके (जैसे 6G या उससे आगे की तकनीक).
- बायोटेक्नोलॉजी: स्वास्थ्य, दवाओं और विज्ञान से जुड़ी नई जीवन रक्षक खोज
- अंतरिक्ष और रक्षा: स्पेस रिसर्च और देश की सुरक्षा को मजबूत करने वाली मशीनें.
- मैन्युफैक्चरिंग और उद्योग 4.0: कारखानों में रोबोटिक्स और स्मार्ट तरीके से काम करने की तकनीक.
‘लैब से बाजार तक’ का सफर
इस पहल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह भारतीय विश्वविद्यालयों में होने वाली नई खोजों को सिर्फ प्रयोगशालाओं (लैब) या किताबों तक सीमित नहीं रहने देगा. ‘भारत इनोवेट्स 2026’ की मदद से उन खोजों को बाजार में असली प्रोडक्ट के रूप में उतारा जाएगा. इस कार्यक्रम में निवेशकों और स्टार्टअप्स के बीच वन-टू-वन मीटिंग की सुविधा भी होगी, जिससे निवेश की प्रक्रिया आसान और तेज हो जाएगी.
कैसे हुई थी इसकी शुरुआत?
बता दें कि इस पहल की नींव 17 फरवरी 2026 को पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति की मौजूदगी में ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष’ की शुरुआत की थी. उसी दिन ‘भारत इनोवेट्स’ की भी घोषणा की गई थी.
