दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियों के बीच क्या दोस्ती की नई इबारत लिखी जाने वाली है। क्योंकि बीजिंग में होने वाली हाई प्रोफाइल मुलाकात से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं। ट्रंप ने ना केवल चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की जमकर तारीफ की बल्कि उन्हें एक बेहतरीन इंसान करा दिया। ओवल ऑफिस में बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मेरे रिश्ते बहुत गहरे हैं। वो एक शानदार इंसान हैं और हमारी आपस में बहुत अच्छी पड़ती। आप देख ही सकते हैं कि हम कैसे मिलकर काम कर रहे हैं। हम चीन के साथ बड़े पैमाने पर व्यापार कर रहे हैं और सच कहूं तो हम बहुत पैसा कमा रहे हैं। ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब 14 और 15 मई को दोनों नेताओं के बीच बीजिंग में मुलाकात होनी है। लेकिन बात सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं। ट्रंप ने इस बार चीन के सम्मानजनक रवैया की भी तारीफ की।

ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय तनाव खासकर ईरान और तेल सप्लाई के मुद्दे पर चीन की भूमिका को सराहा है। उन्होंने कहा कि चीन अपनी जरूरत का 60% तेल स्टेट ऑफ होर्मुज से लेता है। लेकिन इसके बावजूद चीन ने कभी अमेरिका को चुनौती देने की कोशिश नहीं की। ट्रंप ने अपने चिर परिचित अंदाज में कहा चीन हमें चुनौती नहीं देता। वो जानते हैं कि जब तक मैं यहां हूं करेंगे। उन्होंने हमेशा अमेरिका के प्रति सम्मान दिखाया। हैरानी की बात यह है कि ट्रंप ने चीन को एक अनोखा सुझाव भी दे डाला। उन्होंने कहा कि चीन को अपनी तेल की सप्लाई के लिए सिर्फ पुराने रास्तों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं। ट्रंप के मुताबिक चीनी जहाजों को अमेरिका के टेक्साज आना चाहिए। उन्हें लुईसियाना और अलास्का के बंदरगाहों का इस्तेमाल करना चाहिए।

ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अलास्का असल में एशियाई देशों के बहुत करीब है जिसे अक्सर लोग समझ नहीं पाते। ट्रंप का यह नरम रुख बीजिंग वार्ता से पहले एक मास्टर स्ट्रोक हो सकता है। जहां एक तरफ ट्रेड वॉर की तलवार लटकती रहती है। वहीं ट्रंप ने जिनपिंग की तारीफ कर बातचीत के लिए एक सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की है।

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