समाजवादी पार्टी के कार्यवाहक जिला अध्यक्ष गुलशन यादव की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित गुलशन यादव पर अब 1 लाख रुपए का इनाम घोषित कर दिया गया है। पहले ये इनाम ₹50,000 था, जिसे अब प्रयागराज जोन के एडीजी संजीव गुप्ता ने दोगुना कर दिया है।

क्यों बढ़ा इनाम?
गुलशन यादव एक केस में फरार चल रहे हैं, जो कि कुर्क बाग से आम बेचने से जुड़ा है। हालांकि उनके खिलाफ मामले सिर्फ इतने भर नहीं हैं – उन पर हत्या, लूट, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में कुल 53 मुकदमे दर्ज हैं। प्रतापगढ़ पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें बनाई हैं और लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। एएसपी संजय राय ने कहा कि गुलशन की तलाश दिन-रात चल रही है और जनता से भी सहयोग मांगा गया है।

अवैध संपत्तियों पर एक्शन
गुलशन यादव की अवैध संपत्तियों पर भी पुलिस का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। अब तक उनकी करीब ₹3 करोड़ की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है, जिसमें लखनऊ और प्रतापगढ़ में बने मकान और प्लॉट शामिल हैं। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत, कुल ₹7 करोड़ की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया गया है।

गुलशन यादव का राजनीतिक सफर
गुलशन यादव कभी राजा भैया (रघुराज प्रताप सिंह) के करीबी माने जाते थे। 2022 विधानसभा चुनाव में उन्होंने कुंडा सीट से सपा उम्मीदवार के रूप में राजा भैया के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए। वर्तमान में वे समाजवादी पार्टी के कार्यवाहक जिला अध्यक्ष हैं और अखिलेश यादव के करीबी भी माने जाते हैं।

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