गौतम बुद्ध नगर जिले की विशेष पॉक्सो (यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण) अदालत ने 2017 में एक दिव्यांग किशोरी से दुष्कर्म करने के दोषी को शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

अभियोजन पक्ष के वकील ने बताया कि अपर सत्र और विशेष न्यायाधीश चन्द्र मोहन श्रीवास्तव ने अपने फैसले में कहा कि दोषी ने ऐसी लाचार किशोरी से दुष्कर्म किया जो प्रतिरोध करने में भी सक्षम नहीं थी। पीड़िता अपने साथ हुई घटना बताने में भी असमर्थ थी। सरकारी वकील चवन पाल सिंह ने बताया कि हरियाणा बल्लभगढ़ के संजय कॉलोनी निवासी लाला उर्फ पप्पू के खिलाफ कासना कोतवाली में 2017 में दिव्यांग किशोरी से दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोषी कासना कोतवाली क्षेत्र में एक दुकान पर लोहे की ढुलाई का काम करता था और पीड़िता के पड़ोस में रहता था। सिंह ने बताया कि किशोरी दिव्यांग है और सही तरीके से बोल भी नहीं पाती है। ऐसे में घटना वाले दिन उसने किशोरी को अकेला पाकर उससे दुष्कर्म किया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 6 गवाह और सबूत पेश किए गए। न्यायाधीश ने गवाहों और सबूतों के आधार पर दोषी को पॉक्सो अधिनियम के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई और मुआवजे की राशि पीड़िता को देने का निर्देश दिया।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights