पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित सरकारी आर जी कर अस्पताल में पिछले साल अगस्त में एक महिला प्रशिक्षु चिकित्सक के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में दोषी करार दिये गए संजय रॉय को यहां की एक अदालत सोमवार को सजा सुनाएगी।

रॉय को जिन धाराओं के तहत दोषी करार दिया गया है, उसमें उसे न्यूनतम आजीवन कारावास, जबकि अधिकतम मौत की सजा हो सकती है।
सियालदह की अदालत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिर्बान दास ने शनिवार को रॉय को पिछले वर्ष नौ अगस्त को अस्पताल में स्नातकोत्तर प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के साथ बलात्कार और हत्या का दोषी करार दिया था। न्यायाधीश अनिर्बन दास ने कहा है कि सजा का ऐलान 20 जनवरी को किया जाएगा।

फैसले के समय संजय रॉय ने अदालत में दावा किया कि उसे फंसाया गया है। हालांकि, न्यायाधीश ने कहा कि उसे सजा सुनाए जाने से पहले सोमवार को बोलने का मौका मिलेगा। मृतक छात्रा के माता-पिता ने दोषी करार दिए जाने के लिए न्यायाधीश का शुक्रिया अदा किया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में अफरा-तफरी की स्थिति भी बनी, जिसके बाद अदालत ने सख्त लहजे में सभी लोगों को चेतावनी दी और आरोपी की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में महिला ट्रेनी डॉक्टर का शव आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल से बरामद किया गया था। कोलकाता पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और क्राइम सीन से मिले सबूतों के आधार पर जांच की। इसके बाद सिविक वालंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया।

संजय रॉय इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की चार्जशीट में मुख्य आरोपी हैं। संजय रॉय को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64, धारा 66 और धारा 103 (आई) के तहत दोषी ठहराया गया है।”

विशेष अदालत के न्यायाधीश ने रॉय को दोषी ठहराया। इसके बाद रॉय ने जोर से अपनी बेगुनाही का दावा किया। रॉय ने चिल्लाते हुए कहा, “मैंने कुछ नहीं किया है। मैं दोषी नहीं हूं। साजिश कई लोगों ने रची थी।”

इसके बाद न्यायाधीश ने रॉय को आश्वासन दिया कि सजा सुनाए जाने से पहले सोमवार को उन्हें बोलने की इजाजत दी जाएगी। इस मामले में सुनवाई की प्रक्रिया पिछले साल 11 नवंबर को शुरू हुई थी। मामले में मुकदमा शुरू होने के 59 दिन बाद फैसला सुनाया जाएगा। अपराध की तारीख से 162 दिनों के बाद दोषसिद्धि की प्रक्रिया पूरी हुई।

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