पंजाब-हरियाणा सीमा पर डटे प्रदर्शनकारी किसान नेताओं ने बुधवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की आलोचना करते हुए कहा कि उनके पास चुनावी राज्य दिल्ली के किसानों से मिलने का समय है, लेकिन वह उन लोगों का ‘‘संघर्ष’’ नहीं देख रहे हैं जो पिछले 11 महीनों से सड़कों पर बैठे हैं।

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने अनुरोध किया कि मुलाकात के लिए किसी को उनके पास न भेजा जाए क्योंकि उनके ‘बिगड़ते’ स्वास्थ्य के कारण उन्हें बोलने में कठिनाई हो रही है।

डल्लेवाल ने बुधवार को 44 वें दिन अपना आमरण अनशन जारी रखा। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के संयोजक डल्लेवाल फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर पिछले साल 26 नवंबर से पंजाब और हरियाणा के बीच खनौरी सीमा पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

खनौरी धरना स्थल पर किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि कृषि मंत्री चौहान ने मंगलवार को दिल्ली के किसानों के एक समूह से मुलाकात कर उनकी शिकायतें सुनीं।

बैठक पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कोहाड़ ने कहा, ‘‘दिल्ली में मात्र 21 हजार किसान हैं और मंत्री के पास वहां के किसानों से मिलने का समय है, लेकिन मंत्री के पास उन लाखों किसानों को देखने का वक्त नहीं है, जो खराब मौसम में भी सड़कों पर बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा, “हमारी कोई नई मांग नहीं है। हम केवल यह चाहते हैं कि पिछली सरकारों द्वारा किसानों से किए गए वादों का क्रियान्वयन हो।

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