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वाराणसी, 20 जुलाई । उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी के नगर निगम ने शहर की बुनियादी नागरिक समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध समाधान के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। अब गंदगी, सीवर ओवरफ्लो, जलभराव, स्ट्रीट लाइट खराब होने जैसी समस्याओं के लिए नागरिकों को नगर निगम के चक्कर नहीं लगाने होंगे। नगर निगम ने दावा किया है कि चयनित वार्डों में ऐसी शिकायतों का अधिकतम चार घंटे के भीतर निस्तारण किया जाएगा।

यह जानकारी सोमवार को सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में महापौर अशोक कुमार तिवारी व नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने संयुक्त रूप से दी। उन्होंने बताया कि 27 जून को हुई नगर निगम कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप 21 जुलाई से ‘त्वरित समाधान स्मार्ट पायलट प्रोजेक्ट’ की शुरुआत की जा रही है।

—पहले चरण में गंगा तट के 25 वार्ड शामिल

महापौर ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के पहले चरण में गंगा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों के 25 वार्डों को शामिल किया गया है। इन वार्डों में नागरिकों की बुनियादी समस्याओं का अधिकतम चार घंटे के भीतर समाधान सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यदि यह व्यवस्था सफल रहती है तो भविष्य में इसे पूरे नगर निगम क्षेत्र में लागू किया जाएगा।

—व्हाट्सएप चैटबॉट से दर्ज होगी शिकायत

नगर निगम ने शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया है। नागरिकों को केवल व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 8601872601 पर “Hi” लिखकर संदेश भेजना होगा। इसके बाद चैटबॉट के निर्देशानुसार शिकायत का प्रकार, वार्ड, घटना स्थल की लाइव जीपीएस लोकेशन और संबंधित फोटो अपलोड करनी होगी। शिकायत दर्ज होते ही सिस्टम स्वतः संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारी के मोबाइल एप पर शिकायत, फोटो और लोकेशन भेज देगा। साथ ही शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप पर टिकट आईडी प्राप्त होगी।

—जीपीएस और फोटो से होगी शिकायत की पुष्टि

महापौर ने बताया कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करेगा और विभागीय मोबाइल एप के माध्यम से समाधान की फोटो अपलोड करेगा। एप फोटो के साथ जीपीएस लोकेशन और समय को स्वतः लॉक कर देगा। बैकएंड सिस्टम से सत्यापन के बाद शिकायत का स्टेटस ‘पेंडिंग’ से ‘क्लोज’ हो जाएगा तथा शिकायतकर्ता को समाधान का संदेश व्हाट्सएप पर भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरी व्यवस्था को मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त रखते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है।

—छह विभागों की 14 समस्याएं होंगी कवर

इस त्वरित समाधान सेवा के अंतर्गत नगर निगम के छह प्रमुख विभागों की कुल 14 बुनियादी समस्याओं को शामिल किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग: सफाई कार्य, डोर-टू-डोर कूड़ा उठान, खाली प्लॉट की सफाई, गली-पिट एवं नालियों की सफाई तथा सार्वजनिक शौचालय/यूरिनल की सफाई।

जलकल विभाग: सीवर ओवरफ्लो, 100 एमएम तक की पाइप लाइन में लीकेज की मरम्मत तथा गंदे पानी के सड़क या गली में बहाव की समस्या।

सामान्य अभियंत्रण विभाग: जलभराव और नालों की बैरिकेडिंग।

आलोक विभाग: स्ट्रीट लाइट के खंभों में करंट उतरने तथा स्ट्रीट लाइट समय से जलाने-बंद करने संबंधी शिकायतें।

उद्यान विभाग: उद्यानों से कचरा उठाना।

पशु विभाग: सार्वजनिक स्थलों पर मृत पशुओं का निस्तारण।

—इन 25 वार्डों में लागू होगी व्यवस्था

पायलट प्रोजेक्ट के तहत आदमपुर ज़ोन के राजघाट, कोनिया, घसियारीटोला, ओमकालेश्वर, प्रह्लादघाट और हनुमान फाटक वार्ड शामिल किए गए हैं। भेलूपुर ज़ोन के शिवाला, बागहाड़ा, मदनपुरा और नगवां वार्ड भी इस योजना का हिस्सा होंगे।

दशाश्वमेध ज़ोन के सिगरा, दशाश्वमेध, बंगालीटोला, जंगमबाड़ी, सूर्यकुण्ड, रामापुरा, आदिविशेश्वर, मध्यमेश्वर, गोलादीनानाथ और पियरीकलां वार्डों को भी योजना में शामिल किया गया है। वहीं, कोतवाली ज़ोन के कालभैरव, बिन्दुमाधव, कृतिवाशेश्वर, ईश्वरगंगी और बलुआबीर वार्डों में भी यह सुविधा उपलब्ध रहेगी।

—कमांड एंड कंट्रोल सेंटर करेगा निगरानी

महापौर ने बताया कि शिकायतों की लाइव मॉनिटरिंग और दैनिक समीक्षा के लिए विशेष कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। यहां एक आईटी विशेषज्ञ, एक डेटा विश्लेषक और सात ऑपरेटरों की शिफ्टवार तैनाती सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक रहेगी। किसी भी अतिरिक्त सहायता के लिए नागरिक नगर निगम हेल्प डेस्क के दूरभाष नंबर 0542-2720005 पर भी संपर्क कर सकेंगे।

By editor

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