बरेली, 25 मई । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय जनता पार्टी से लंबे समय तक जुड़े रहे बरेली के कर्मठ कार्यकर्ता विश्व नाथ शर्मा उर्फ ‘बब्बू भाई’ का 21 मई को निधन हो गया। वह 54 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। जन्मदिवस (25 मई ) से दाे दिन पहले उनके निधन से सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को आयोजित शोक सभा में परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उनके संघर्षपूर्ण जीवन में आईएमए उत्तर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रवीश अग्रवाल, मित्र अनिल कपूर, सचिन शर्मा समेत परिवार और करीबी लोगों का विशेष सहयोग रहा। उनका जुझारू व्यक्तित्व और संघर्ष समाज के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा।
25 मई 1972 को जन्मे विश्व नाथ शर्मा छात्र जीवन से ही राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े हुए थे। उन्होंने बरेली कॉलेज से कला स्नातक की पढ़ाई की थी। युवावस्था में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद , युवा मोर्चा और भाजपा के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। उनकी पहचान एक सक्रिय, ऊर्जावान और समर्पित कार्यकर्ता के रूप में थी।
20 जनवरी 1996 को दिल्ली में हुए भीषण सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी बदल दी। दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी टूटने के कारण उनके शरीर का निचला हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया था। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता “हार नहीं मानूंगा” को अपने जीवन का संबल बना लिया। शारीरिक अक्षमता के बावजूद बब्बू भाई ने आत्मनिर्भर बनने का रास्ता चुना।
उनके माता-पिता स्वर्गीय विजय कुमार नागर, जो भारतीय रेल से सेवानिवृत्त पर्यवेक्षक थे, और माता गीता देवी, जो शिक्षिका रहीं, ने हर कठिन समय में उनका साथ दिया। परिवार के सहयोग से उन्होंने मालाबार तेल एजेंसी, पीसीओ और फोटोस्टेट जैसे छोटे व्यवसाय भी संचालित किए।
करीब तीन दशक तक संघर्षपूर्ण जीवन जीने के बावजूद उनका सामाजिक और राजनीतिक जुड़ाव लगातार बना रहा। वे हर छोटे से लेकर बडे चुनाव तक में अपनी विचारधारा के समर्थन में सक्रिय भूमिका निभाते थे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर सांसदों तक से उनका सीधा संवाद रहता था। हाल ही में उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में राष्ट्रवाद की प्रचंड जीत पर खुशी जताई थी;
