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लखनऊ, 27 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश में धान खरीद के आंकड़े योगी सरकार और पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल के बीच बड़ा अंतर दिखाते हैं। योगी सरकार के पिछले चार साल के कार्यकाल में 37,49,219 किसान धान खरीद से लाभान्वित हुए, जबकि समाजवादी पार्टी की सरकार के पांच साल के कार्यकाल में 14,87,519 किसानों को इसका लाभ मिला था। आंकड़ों के मुताबिक, योगी सरकार ने एक साल कम कार्यकाल में ही सपा शासन की तुलना में करीब 22.62 लाख अधिक किसानों को धान खरीद का लाभ पहुंचाया।

पांच साल के मुकाबले चार साल में दोगुने से अधिक किसान लाभान्वित

धान खरीद से लाभान्वित किसानों की संख्या की तुलना करें तो योगी सरकार के चार साल का आंकड़ा सपा सरकार के पांच साल के आंकड़े से लगभग 2.52 गुना है। यानी योगी सरकार के कार्यकाल में सपा सरकार की तुलना में करीब 152 प्रतिशत अधिक किसान लाभान्वित हुए। यह आंकड़ा दर्शाता है कि कम अवधि में अधिक किसानों तक सरकारी खरीद व्यवस्था का लाभ पहुंचा। धान उत्पादक किसानों के लिए सरकारी खरीद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए एक संस्थागत माध्यम मिलता है।

उत्तर प्रदेश जैसे बड़े कृषि प्रधान राज्य में धान खरीद केवल उपज खरीदने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों को बाजार उपलब्ध कराने और उनकी फसल के लिए निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का अवसर देने का भी माध्यम है। अधिक किसानों का लाभान्वित होना इस व्यवस्था की पहुंच का अहम संकेतक है। योगी सरकार के चार साल में 37.49 लाख से अधिक किसानों का लाभान्वित होना इसी विस्तार को रेखांकित करता है। वहीं, सपा सरकार के पांच साल में लाभान्वित किसानों की संख्या करीब 14.87 लाख रही थी।

खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों ने कहा कि धान खरीद व्यवस्था का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले चार वर्षों में 37.49 लाख से अधिक किसानों का लाभान्वित होना इस दिशा में हुई प्रगति को दर्शाता है। वर्ष 2025-26 में 10.53 लाख से अधिक किसानों को धान खरीद का लाभ मिला। योगी सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और सरकारी खरीद प्रक्रिया अधिक सुलभ, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। पात्र किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है।

By editor

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