हरिद्वार, 27 अप्रैल । शांतिकुंज स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या विदेश प्रवास के दौरान बीते तीन दिनों से पोलैंड प्रवास पर हैं। इस दौरान उन्होंने प्रसिद्ध ‘जॉन पॉल द्वितीय केकैथोलिक यूनिवर्सिटी ऑफ लुब्लिन’ (केयूएल) का दौरा किया।100 वर्ष से ज्यादा पुराना यह विश्वविद्यालय यूरोप में शोध परंपरा और मूल्य आधारित शिक्षा के लिए विख्यात है।
शांतिकुंज मीडिया विभाग ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि डॉ. पण्ड्या ने फादर फिलिप द्वारा संयोजित भारत पर आधारित विशेष प्रदर्शनी “बेयरफुट इन इंडिया” का उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और जनजीवन को वैश्विक मंच पर प्रभावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करती है।
डॉ. पण्ड्या ने यूनिवर्सिटी के रेक्टर रेवरेंड प्रोफेसर मिरोस्लाव कालिनोव्स्की एवं वाइस रेक्टर बीटा पिस्कोर्स्का के साथ भी भेंट की। उनके साथ हुई बैठक में भारत – पोलैंड के मध्य सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊर्जा देने पर विचार – विमर्श हुआ। चर्चा के मुख्य केंद्र में संस्कृत एवं पोलिश भाषा का आदान – प्रदान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं अध्यात्म के आपसी संबंध जैसे आधुनिक विषय रहे। दोनों विश्वविद्यालयों के मध्य शैक्षणिक, शोध और सांस्कृतिक क्षेत्रों में मिलकर कार्य करने का निर्णय हुआ।
