हरिद्वार, 09 अगस्त । गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में आयोजित दो दिवसीय युवा जागरण शिविर का रविवार को समापन हो गया। शिविर में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से पहुंचे 300 से अधिक युवाओं ने व्यक्तित्व निर्माण, सकारात्मक सोच, अनुशासन, रचनात्मकता और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया।
शिविर के दौरान गंगा तट पर सूर्य ध्यान के माध्यम से युवाओं ने एकाग्रता, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया। प्रतिभागियों ने अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या एवं शैलदीदी से भेंट कर उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त किया।
समापन सत्र में युवा प्रकोष्ठ के समन्वयक केदार प्रसाद दुबे ने कहा कि सृजनशील और जाग्रत युवा ही राष्ट्र का भविष्य हैं। युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देकर समाज और राष्ट्र के विकास में प्रभावी भूमिका निभाई जा सकती है। उन्होंने रचनात्मक अभियानों में युवा नेतृत्व की भूमिका पर चर्चा करते हुए युवाओं से समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नेतृत्व के साथ सेवा, संवेदना व टीम भावना भी आवश्यक है।
इससे पूर्व अशरण शरण श्रीवास्तव ने ‘वैज्ञानिक अध्यात्मवाद’ विषय पर विज्ञान और अध्यात्म के समन्वय को समझाया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आध्यात्मिक मूल्यों का संतुलन युवा जीवन को अधिक विवेकपूर्ण और उद्देश्यपूर्ण बना सकता है। कुल नौ सत्रों में संपन्न हुए शिविर में युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की युग निर्माण योजना में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। युवाओं से व्यसन और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहकर अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाने तथा राष्ट्र निर्माण के अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।
शिविर समन्वयक ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के दिया (डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन) से जुड़े 300 से अधिक युवा इसमें शामिल हुए। इनमें प्रशासनिक, न्यायिक, मीडिया समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े युवा शामिल रहे। प्रतिभागियों ने शिविर के अनुभव साझा करते हुए कहा कि यहां उन्हें रचनात्मक अभियानों, नेतृत्व क्षमता के विकास और सामाजिक सरोकारों से जुड़कर कार्य करने की प्रेरणा मिली।
शिविर में दिल्ली दिया से मनीष कुमार सिंह, विनय पाण्डेय, विनय रामाकृष्ण, राजाराम, नविता, ओंकार शर्मा, बंटी कुमार और ऋतुराज बसंत सहित अन्य युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
