थाना टूंडला क्षेत्र के नगला गुमान के समीप 5 नवंबर 2000 को बदमाशों ने अनिल कुमार व उसके दो साथियों को अगवा किया था। तीनों ट्रैक्टर से जा रहे थे।

बदमाशों ने अनिल के साथियों बैजनाथ व किताब सिंह को छोड़ दिया और अनिल को पकड़ कर लेे गए। अनिल के भाई ने लीलाधर पुत्र उमराव सिंह निवासी मालीपट्टी बसई मोहम्मदपुर, रूमाली पुत्र विद्याराम घुरकुआ लाइनपार, बैजनाथ उर्फ वेदनाथ पुत्र रामचरण सुजातगढ़ लाइनपार, फौरन सिंह पुत्र लायक सिंह हुमायूंपुर तथा पप्पू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।

मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र कोर्ट संख्या 8 रमेश चंद्र द्वितीय की अदालत में चला। अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे की पैरवी विशेष लोक अभियोजक अजय शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि मुकदमे के दौरान फौरन सिंह की मृत्यु हो गई। कई गवाहों ने मुकदमे के दौरान गवाही दी। कई साक्ष्य न्यायालय के सामने पेश किए गए। गवाहों की गवाही तथा साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने लीलाधर व रूमाली को अपहरण का दोषी माना। न्यायालय ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 10 – 10 हजार रुपया अर्थ दंड लगाया है। अर्थ दंड न देने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने बैजनाथ व पप्पू को दोषमुक्त किया है।

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