सरकारी तालाब ओवरफ्लो होने से केवलपुरी, बसंत विहार और साकेत कॉलोनी में घरों तक पहुंचा गंदा पानी, विरोध के बीच निरीक्षण करने पहुंचीं पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप को क्षेत्रवासियों ने घेरा
जोनी शर्मा
मुजफ्फरनगर। लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने मुजफ्फरनगर शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। शहर के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है, लेकिन सबसे अधिक खराब स्थिति नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या-13 स्थित केवलपुरी, बसंत विहार और साकेत कॉलोनी की है। यहां सरकारी तालाब के ओवरफ्लो होने से गंदा पानी गलियों और घरों में घुस गया, जिससे लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
बारिश के चलते सरकारी तालाब पूरी तरह लबालब भर गया। तालाब का पानी आसपास की बस्तियों में फैलने लगा और देखते ही देखते सड़कें, गलियां और मकानों के आंगन जलमग्न हो गए। किसान यूनियन नेता सबरू मलिक वाली गली में कई फीट तक पानी भर जाने से हालात और भी भयावह हो गए। दर्जनों घरों में गंदा पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों का घरेलू सामान पानी में भीग गया, जबकि बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से लगातार जलभराव की समस्या बनी हुई है, लेकिन नगर पालिका की ओर से समय रहते कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। नालियों की सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी कॉलोनियों में भर गया। लोगों का आरोप है कि हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान के नाम पर केवल आश्वासन ही मिलते हैं।
जलभराव की सूचना मिलने पर नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप अधिकारियों के साथ मौके पर निरीक्षण करने पहुंचीं। लेकिन जैसे ही वह प्रभावित क्षेत्र में पहुंचीं, स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं और पुरुषों ने पालिका अध्यक्ष को चारों ओर से घेर लिया और जलनिकासी की बदहाल व्यवस्था पर जमकर नाराजगी जताई। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण आज घरों तक गंदा पानी पहुंच गया है।
स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि विरोध के बीच पालिका अध्यक्ष को निरीक्षण बीच में ही छोड़कर वापस लौटना पड़ा। इस दौरान लोगों ने तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने, तालाब का अतिरिक्त पानी निकालने और स्थायी समाधान की मांग की। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द राहत कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे नगर पालिका के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
लगातार हो रही बारिश के बीच शहर के कई अन्य क्षेत्रों से भी जलभराव की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में नगर पालिका की तैयारियों और बरसात से पहले किए गए नाला-नाली सफाई अभियान पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल प्रभावित कॉलोनियों के लोग प्रशासन से तत्काल राहत और स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
