उत्तरी सिक्किम में अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव अनंत किशोर सरन के नेतृत्व में एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल मंगलवार को हेलीकॉप्टर से प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना हुआ। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय दल बुर्तुक हवाई अड्डे से रवाना हुआ। इस दल के सदस्यों में ऊर्जा मंत्रालय के निदेशक आर. के. मीणा, जल शक्ति मंत्रालय के कार्यकारी अभियंता शाश्वत राय और सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए) के निदेशक प्रभाकर राय शामिल हैं।

उत्तरी सिक्किम का मंगन जिला बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। अचानक आई बाढ़ के कारण जिले में 30 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।

केंद्रीय दल के सदस्यों ने सोमवार को गंगटोक के साथ ही पाक्योंग जिले के प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने जिन इलाकों का दौरा किया उनमें आईबीएम, रंग्पो, एटीटीसी-बरडांग, गोलितर, सिंगताम, डिक्चू और फिदांग शामिल थे।

केंद्रीय दल ने इमारतों, बिजली लाइनों, सड़कों और पुलों को हुए नुकसान का आकलन किया। केंद्रीय दल ने सोमवार को माजिगांव में एक राहत शिविर का भी दौरा किया और वहां रह रहे लोगों का मनोबल बढ़ाने के लिए उनकी ‘‘काउंसलिंग’’ के अलावा शिविरों में उचित साफ-सफाई की व्यवस्था जैसी कुछ सिफारिशें कीं।

वित्तीय सहायता के मामले पर उन्होंने कहा कि राज्य की तत्काल और अल्पकालिक जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने धन आवंटन में तेजी लाने का आश्वासन दिया ताकि स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य बनाया जा सके।

दल ने सोमवार को सिक्किम के मुख्य सचिव वी. बी. पाठक के साथ भी बैठक की।

अधिकारियों ने बताया कि सिक्किम में अचानक आई बाढ़ में कम से कम 70 लोगों की मौत हो गई जबकि 80 लापता लोगों की तलाश अब भी जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights