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नई दिल्ली, 15 अप्रैल । उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान के चर्चित पेपर लीक मामले में आरएएस में चयनित हनुमाना राम की जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस दीपांकर दत्ता की अध्यक्षता वाली बेंच ने जमानत याचिका खारिज करने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार ने कहा कि अगर ये आरएएस अधिकारी नियुक्त होता तो राज्य बेच देता।

कोर्ट ने कहा कि आरोप काफी गंभीर हैं। सुनवाई के दौरान जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि हनुमाना राम का आचरण बेहद गंभीर है। उसने तीन लोगों के लिए डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा दी। इसके अलावा उसने कई अन्य परीक्षाओं में भी प्रॉक्सी के तौर पर हिस्सा लिया। इनमें पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 और पटवारी भर्ती परीक्षा 2021 शामिल हैं। आरोपित हनुमाना राम पढ़ाई में तेज माना जाता था। उसने आरएएस 2018 में 22वीं रैंक हासिल की थी और एक दूसरी परीक्षा में दूसरी रैंक भी लाई थी।

सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार ने कहा कि आरोपित के ऐसे कृत्य से प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सीधा असर पड़ता है। अगर जिम्मेदार पद पर चयनित व्यक्ति ही ऐसा करे तो ये पूरे सिस्टम के लिए खतरा बन जाता है। अगर वह आरएएस अधिकारी नियुक्त हुआ तो वह राज्य को बेच देता।

By editor

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