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देहरादून, 23 अप्रैल । महिला आरक्षण के मुद्दे पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाकर प्रदेश कांग्रेस ने विधानसभा भवन के सामने धरना दिया। कांग्रेस उत्तराखंड विधानसभा में महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किये जाने की मांग कर रही है।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में नेताओं के साथ ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा भवन के सामने धरना दियाl कांग्रेस कार्यकर्ता राज्य विधानसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किये जाने की मांग कर रहे थे।

धरना स्थल आयोजित सभा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि वर्ष 2023 में संसद के दोनों सदनों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए महिला आरक्षण विधेयक (‘‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’’ विधेयक) पूर्ण बहुमत के साथ पारित किया गया था, लेकिन भाजपा ने राजनैतिक मजबूरी में पास किये गए इस विधेयक को लागू करने में आना-कानी शुरू कर दी है।

उन्होंने कहा कि विधेयक के प्रावधानों में निर्धारित तिथि तक आरक्षण लागू करने के बजाय बिना जनगणना के मनमाना परिसीमन विधेयक संसद में लाकर सदन को ही नहीं जनता विशेष रूप से मातृशक्ति को गुमराह करने का काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पहली बार स्व. राजीव गांधी स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने सम्बन्धी विधेयक लाए थे, जिसे तत्कालीन नरसिम्हाराव सरकार में पारित किया था। आज उसी का नतीजा है कि देशभर के स्थानीय निकायों के माध्यम से देशभर के निकायों में 15 लाख चुनी हुई महिला प्रतिनिधि हैं। महिलाओं के लिए राजनीति में जिस आरक्षण की परिकल्पना राजीव गांधी ने की थी नारी शक्ति वंदन बिल के रूप में कांग्रेस पार्टी ने उस बिल का स्वागत किया और उसे बहुमत के साथ दोनों सदनों में पास कराने में सरकार का सहयोग किया।

सभा में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि 2008 में डॉ मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी की सरकार ने महिला आरक्षण बिल को राज्यसभा में भारी बहुमत से पारित कर लोकसभा में रखने का प्रयास किया तब, वर्तमान में सत्ता रूढ़ भाजपा ने इसका घोर विरोध किया था, परन्तु राजनैतिक मजबूरी के चलते वर्ष 2023 में भाजपा को महिला आरक्षण बिल लाना पड़ा तथा देर आये दुरूस्त आये की तर्ज पर कांग्रेस पार्टी ने भाजपा सरकार के इस फैसले का स्वागत एवं समर्थन किया।

चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि विधानसभा एवं लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित होने के चार वर्ष बाद लागू होने की निश्चित तिथि 16 अप्रैल 2026 तक लागू न होने से देश की महिलायें अपने को उपेक्षित महसूस कर रही हैं और भाजपा के नेता एक सोची समझी चाल के साथ लगातार देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं परन्तु अब देश की जनता भाजपा के झांसे में आने वाली नहीं है।

डॉ हरक सिह ने अपने संबोधन में कहा कि देश की महिला शक्ति भाजपा को कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि लम्बे इंतजार के बाद महिला आरक्षण अधिनियम 2023 के रूप में सदन पटल पर आया तथा कांग्रेस पार्टी सहित सभी विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए इसे पूर्ण बहुमत से पारित करवाया गया परन्तु भारतीय जनता पार्टी उसे लागू करने में आनाकानी कर ठंडे बस्ते में डालने का कुचक्र रच रही है।

धरने में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा, विधायक ममता राकेश, अनुपमा रावत, रवि बहादुर, डॉ जसविन्दर सिंह गोगी, ओम प्रकाश सती, बब्बन पूर्व मंत्री नवप्रभात, कोषाध्यक्ष आर्येंद्र शर्मा, महामंत्री राजेंद्र भंडारी, नवीन जोशी, संजय पालीवाल, अश्विनी बहुगुणा, सुरेन्द्र रांगड़ महेन्द्र सिंह नेगी गुरू जी, संचार कमेटी के राष्ट्रीय सचिव वैभव वालिया, पूर्व विधायक राजकुमार, उपेन्द्र थापली, प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह, पूर्व मंत्री अजय सिंह, यशपाल चौहान, अमरेंद्र बिष्ट,, राजेंद्र चौधरी राकेश मियां, जिलाध्यक्ष संजय किशोर, विरेन्द्र पोखरियाल, अमरजीत सिंह, अनुज गुप्ता, प्रवक्ता गरिमा दसोनी, शीशपाल बिष्ट, पूर्व महानगर अध्यक्ष लाल चंद्र शर्मा, हेमा पुरोहित, पंकज क्षेत्री, पिया थापा, सूरत सिंह नेगी, दिनेष कौषल, मनीष नागपाल, विकास नेगी, पूनम कंडारी, सावित्री थापा, मोहन काला, आशा डोबरियाल, पुष्पा पंवार, ललित भद्री, अनुराधा तिवाडी, अमित गुप्ता, पिया थापा, गौरव अग्रवाल, संजय शर्मा, संजय अग्रवाल, सुनीत राठौर, रेखा कांडपाल, मोहन खत्री, सोनिया आनंद, आशीष नौटियाल, अजय रावत, संग्राम पुण्डीर, नितिन बिष्ट, प्रशांत खंडूरी, मनमोहन शर्मा, बलवीर पंवार, रितेश क्षेत्री, महेश जोशी, मंजू चौहान, सचिन टिचकुले, टीकाराम पाण्डेय आदि बैठे।

By editor

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