नई दिल्ली, 15 अप्रैल । दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में बुधवार को दिल्ली महिला आयोग में नियुक्तियों में गड़बड़ियों के मामले में एक गवाह का बयान दर्ज किया गया। स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह ने 08 मई को अगली सुनवाई का आदेश दिया।
बुधवार को अभियोजन पक्ष की ओर से महिला और बाल विकास विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर अनीता भराल के बयान दर्ज किए गए। आरोपितों की ओर से पेश वकीलों ने अनीता भराल का क्रास-एग्जामिनेशन किया। कोर्ट ने दिल्ली महिला आयोग के असिस्टेंट सेक्रेटरी गौतम मजुमदार, एंटी करप्शन ब्यूरो के इंस्पेक्टर राहुल और इंस्पेक्टर राकेश कुमार के बयान दर्ज करने के लिए 08 मई को समन जारी करने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान आरोपित स्वाति मालीवाल कोर्ट में पेश नहीं हुईं। कोर्ट ने आज स्वाति मालीवाल को पेशी से छूट दे दी। इसके पहले इस मामले में 4 नवंबर 2025 को शिकायतकर्ता और पूर्व विधायक बरखा सिंह के बयान दर्ज किए गए थे। कोर्ट ने दिसंबर 2022 में स्वाति मालीवाल समेत चार आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। स्वाति मालीवाल ने आरोप तय करने के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
कोर्ट ने स्वाति मालीवाल के अलावा जिन लोगों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था, उनमें आयोग की सदस्य प्रोमिला गुप्ता, सारिका चौधरी और फरहीन मलिक शामिल हैं। कोर्ट ने चारों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120(बी) और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13 (2), 13(1)(डी) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था।
एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से पूर्व विधायक बरखा सिंह ने 11 अगस्त 2016 को शिकायत कर आरोप लगाया था कि दिल्ली महिला आयोग में नियमों को दरकिनार कर आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों को नियुक्त किया गया। शिकायत में आयोग में नियुक्त हुए तीन लोगों के नाम बताए गए थे, जो आम आदमी पार्टी से जुड़े थे। एसीबी को दी गई शिकायत में आम आदमी पार्टी से जुड़े 85 लोगों की सूची भी दी गई थी, जिनकी नियुक्ति आयोग में होने का दावा किया गया था। इस पर प्रारंभिक जांच के बाद एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
