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देहरादून, 05 जुलाई (हि. स.)। राजधानी देहरादून के सहसपुर विकासखंड की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। उद्यान विभाग और ग्रामोत्थान (रीप) की पहल से महिलाएं स्थानीय किसानों से ऑर्गेनिक एवं ताजी सब्जियां खरीदकर सीमाद्वार स्थित आईटीबीपी को नियमित आपूर्ति कर रही हैं। इस पहल से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने के साथ महिलाओं को रोजगार और अतिरिक्त आय का स्रोत भी मिला है।

उड़ान क्लस्टर लेवल फेडरेशन के माध्यम से संचालित इस मॉडल के तहत सहसपुर ब्लॉक की आमवाला नई पंचायत के कोटरा संतूर गांव की महिलाएं आसपास के गांवों से किसानों की उपज एकत्र कर आईटीबीपी तक पहुंचाती हैं। वर्तमान में समूह आईटीबीपी की कुल सब्जी आवश्यकता का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा उपलब्ध करा रहा है।

अप्रैल से अब तक समूह पांच बार कुल 1,341 किलोग्राम (13.41 क्विंटल) से अधिक ऑर्गेनिक सब्जियों की आपूर्ति कर चुका है। 29 अप्रैल को 317 किलोग्राम, 11 मई को 181 किलोग्राम, 29 मई को 209 किलोग्राम, 12 जून को 306 किलोग्राम तथा 2 जुलाई को 328 किलोग्राम सब्जियां उपलब्ध कराई गईं। आईटीबीपी की ओर से भविष्य में मांग में 50 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना जताई गई है, जिसके बाद विकासनगर, लांघा और डोईवाला क्षेत्र के किसानों को भी इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।

समूह की महिलाएं आलू, टमाटर, गोभी, बैंगन, लौकी, भिंडी, शिमला मिर्च, मशरूम, करेला, धनिया, कद्दू और खीरे सहित विभिन्न ऑर्गेनिक सब्जियों की नियमित आपूर्ति कर रही हैं। प्रत्येक आपूर्ति पर समूह को लाभ भी प्राप्त हो रहा है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

समूह सदस्य लीना धीमान ने बताया समूह की महिलाओं द्वारा ग्रामीण किसानों से ताजी सब्जियां एकत्रित कर आइटीबीपी को सप्लाई की जा रही है। जिससे हमारे जवानों को ताजी व पौष्टिक सब्जियां उपलब्ध हो रही है। इस पहल के माध्यम से हम जैसी ग्रामीण समूह की महिलाओं को रोजगार प्राप्त हो रहा है साथ ही हमारी आजीविका भी अच्छे से चल रही है। साथ ही ग्रामीण किसानों को डायरेक्ट सब्जियों की सप्लाई के माध्यम से अच्छे सब्जियों का मूल मिल रहा है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि अब तक 13 क्विंटल से अधिक ऑर्गेनिक सब्जियों की आपूर्ति की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह पहल महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है। अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे।

मुख्य उद्यान अधिकारी डी.के. तिवारी ने बताया कि इस पहल के तहत अब तक एक लाख रुपये से अधिक मूल्य की सब्जियों की आपूर्ति की जा चुकी है और किसानों को अनुबंधित दरों पर उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है।

वहीं जिला परियोजना प्रबंधक (रीप) सोनम गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक आपूर्ति में समूह की महिलाओं को एक से दो हजार रुपये तक की बचत हो रही है, जिससे उनकी आजीविका को मजबूती मिली है।

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By editor

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