अभियोजन कथानक के अनुसार वादिनी ने गौराबादशाहपुर थाने में अभियोग पंजीकृत करवाया कि उसकी दूसरी शादी गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र निवासी पिंटू गौतम के साथ हुई थी उस समय उसकी 3 वर्षीय बेटी भी उसके साथ आई थी। 8 वर्ष तक वह पिंटू और अपनी बेटी के साथ रही। 26 जनवरी 2022 को वह पीड़िता के चिल्लाने की आवाज सुनकर घर में गई तो देखा उसका पति उसकी बच्ची के साथ दुष्कर्म कर रहा था। वह खून से लथपथ थी। उसको बचाने पर पति ने मारा पीटा और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दिया।वह मायके चली गई 6 फरवरी 2022 को किसी तरह डरते-डरते एफआईआर करवाया।पुलिस ने विवेचना करके आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। शासकीय अधिवक्ता वेद प्रकाश तिवारी व रमेश चंद्र पाल के द्वारा अभियोजन पक्ष की पैरवी की गई, जिससे अदालत ने आरोपी पिंटू गौतम को अपनी सौतेली पुत्री से दुष्कर्म करने के आरोप में दोष सिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास 20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
