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देहरादून, 16 मई । भगवान बदरी नारायण की भूमि चमोली जिले में जल्द ही एक नई पहल शुरू होने जा रही है। इस क्षेत्र को जैविक खेती के मॉडल के रूप में तैयार करने की कोशिशें शुरू हो गई है। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने इस दिशा में पहला कदम उठाया है और अब भारत सरकार वाणिज्य मंत्रालय की टीम ने जिले का भ्रमण शुरू कर जैविक खेती से संभावनाओं को तलाशना शुरू कर दिया है। शनिवार से वाणिज्य मंत्रालय के प्रतिनिधि खेतों में जाकर जैविक खेती और संभावनाओं का मूल्यांकन भी करेंगे।

भारत सरकार वाणिज्य मंत्रालय के प्रतिनिधि सीबी सिंह ने जैविक खेती से काश्तकारों की खुशहाल जीवन के रास्तें को तलाशना शुरू कर दिया है। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के साथ ही उन्होंने चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार, मुख्य विकास अधिकारी मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी व मुख्य जेपी के साथ बैठक की। इस दौरान जैविक खेती के विस्तार, प्रमाणीकरण और जैविक उत्पादों के विपणन को लेकर एक खाका तैयार किया गया।

गाैरतलब है कि चमोली जिले में कुल संभावित जैविक खेती क्षेत्रफल 38,846 हेक्टेयर है, जिसमें वर्तमान में 17,334 हेक्टेयर क्षेत्रफल को प्रमाणीकरण के अंतर्गत आच्छादित किया जा चुका है और वर्तमान में 39,743 कृषक जैविक खेती से जुड़े हुए हैं। शेष 21,512 हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि को भी राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम के तहत विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। अब भारत सरकार का वाणिज्य मंत्री जैविक उत्पादों को अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की योजना तैयार करेगा।

चमोली में मंत्रालय के प्रतिनिधि के नेतृत्व में आज से इस पर कार्य भी शुरू हो जाएगा। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी इसे लेकर गंभीर है और इसके लेकर उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए है कि प्राथमिकता के आधार पर जैविक खेती पर ध्यान केंद्रित करें।

By editor

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