केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार को बड़ा झटका लगा है. तेलंगाना हाई कोर्ट ने POCSO मामले में उनके बेटे बंदी साई भागीरथ को किसी भी तरह की अंतरिम सुरक्षा देने से इनकार कर दिया है. भागीरथ पर POCSO एक्ट के तहत दर्ज मामले में आरोपी होने का आरोप है. कोर्ट के इस फैसले के बाद अब पुलिस को उसे गिरफ्तार करने से रोकने वाली कोई कानूनी रुकावट नहीं बची है.
हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज ने साफ कहा कि POCSO जैसे गंभीर मामले में आरोपी को अंतरिम सुरक्षा नहीं दी जा सकती. कोर्ट ने कहा कि वह भागीरथ की गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश नहीं दे सकते. मामले में अंतिम फैसला अब अगली वेकेशन बेंच के पास रहेगा.
हैदराबाद स्थित तेलंगाना हाई कोर्ट में सुनवाई
यह मामला तेलंगाना के एक पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था और इसकी सुनवाई हैदराबाद स्थित तेलंगाना हाई कोर्ट में चल रही है. भागीरथ ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी. हालांकि कोर्ट ने फिलहाल उन्हें कोई राहत नहीं दी. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि भागीरथ जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. पुलिस के अनुसार वह पूछताछ के लिए सामने नहीं आए और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं. इसी आधार पर कोर्ट ने अंतरिम सुरक्षा देने से इनकार कर दिया.
भागीरथ की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग
बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत से मांग की थी कि अगली सुनवाई तक भागीरथ की गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए, लेकिन जज ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया. कोर्ट के इस फैसले के बाद अब पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है. इस मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमाया हुआ है. विपक्षी दल पहले से ही सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं. अब यह देखना होगा कि अदालत के आदेश के बाद पुलिस आगे क्या कदम उठाती है.
