नई दिल्ली, 19 जुलाई । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिल्ली अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि सोनम वांगचुक को अनशन पर बैठा कर विपक्षी पार्टियां संसद के मानसून सत्र के दौरान सड़क से संसद तक हंगामा करना चाहती थी।
उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा लीक के नाम पर आम आदमी पार्टी, कम्युनिस्ट एवं कांग्रेस पार्टी प्रायोजित इस धरने में सोनम वांगचुक 28 जून को अनशन पर बैठे, जबकि नीट की संतोषजनक पुनः परीक्षा 21 जून को हो गई। यह साफ करता है कि अनशन का मकसद छात्र समस्या उठाना नहीं, बल्कि संसद के मानसून सत्र के दौरान सड़क से संसद तक हंगामा करना है।
हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोनम वांगचुक की ओर से दाखिल याचिका पर कोई अंतरिम राहत देने से इन्कार कर दिया, क्योंकि पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने की कार्रवाई उच्च न्यायालय के निर्देश अनुरूप की थी। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक के अनशन मामले में जिस तरह आज उच्च न्यायालय से अंतरिम राहत मांगने के लिए कपिल सिब्बल एवं विवेक तन्खा जैसे बड़े महंगे वकील पेश हुए। उससे स्पष्ट हो जाता है कि सोनम वांगचुक विपक्ष के राजनीतिक मोहरे के रूप में धरने पर बैठे थे।
