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नई दिल्ली, 23 जून । कॉटन यार्न मैन्युफैक्चरिंग कंपनी श्रीधर स्पिनर्स का 30.68 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 25 जून तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 29 जून को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 30 जून को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर एक जुलाई को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। आज पहले दिन इस आईपीओ को 54 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 51 रुपये प्रति शेयर से 53 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 2,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,12,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 57.88 लाख शेयर जारी हो रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 46.61 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 32.69 प्रतिशत हिस्सा हिस्सा रिजर्व है। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.03 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रखा गया है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 6.67 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए मारवाड़ी चंदाराणा इंटरमेडियरीज ब्रोकर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

श्रीधर स्पिनर्स की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 3.35 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 3.42 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी को 6.17 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 126.35 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 134.43 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी को 146.55 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 62.11 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 65.31 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 115.90 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 16.92 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 20.34 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का नेटवर्थ 29.76 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी इस अवधि में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 1.92 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 5.34 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 14.11 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) की बात करें, तो 2023-24 में ये 13.41 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में घट कर 13.11 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का ईबीआईटीडीए 17.62 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

By editor

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