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काठमांडू, 30 जून । नेपाल में पिछले एक वर्ष में बैंक तथा वित्तीय संस्थानों ने देशभर में अपनी 149 शाखाएं बंद कर दी हैं। खासकर वाणिज्य बैंक और विकास बैंकों ने महानगरपालिका क्षेत्रों के भीतर स्थित बड़ी संख्या में शाखाओं को बंद किया है। हालांकि, शाखाएं बंद करने के बावजूद बैंकों को कर्मचारियों की कटौती करने की अनुमति नहीं है।

नेपाल राष्ट्र बैंक ने चालू आर्थिक वर्ष की मौद्रिक नीति की पहली त्रैमासिक समीक्षा के माध्यम से यह व्यवस्था की थी कि यदि किसी महानगरपालिका क्षेत्र में किसी बैंक की शाखाएं अधिक संख्या में हों, तो बैंक स्वयं निर्णय लेकर उन्हें मर्ज या एकीकृत कर सकता है।

मौद्रिक नीति के इसी प्रावधान के बाद केंद्रीय बैंक ने निर्देश जारी करते हुए बिना कर्मचारी कटौती किए या कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी दिए शाखाओं के एकीकरण की अनुमति दी। इसके तहत काठमांडू, ललितपुर, पोखरा, विराटनगर, वीरगंज और भरतपुर महानगरपालिकाओं में स्थित 7 वाणिज्य बैंकों और 3 विकास बैंकों की कुल 118 शाखाओं का एकीकरण किया गया है। हालांकि, चालू आर्थिक वर्ष के वैशाख महीने तक बैंक तथा वित्तीय संस्थानों की कुल 149 शाखाएं कम हो चुकी हैं।

नेपाल के केंद्रीय बैंक के प्रवक्ता ने बताया कि वित्तीय लेनदेन में डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ने के कारण महानगरपालिका क्षेत्रों में अधिक संख्या में शाखाएं संचालित कर रहे बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए शाखा समायोजन की नीति लाई गई है। उन्होंने कहा, “केंद्रीय बैंक की शाखा समायोजन नीति के बाद 10 बैंक तथा वित्तीय संस्थानों की 118 शाखाओं का एकीकरण हुआ है। जहां डिजिटल कारोबार अधिक हो रहा है, वहां बैंक और वित्तीय संस्थान अब आवश्यकता और औचित्य के आधार पर ही शाखाएं संचालित कर रहे हैं।”

केंद्रीय बैंक की शाखा समायोजन नीति के बाद एनआईसी एशिया बैंक ने सबसे अधिक 44 शाखाएं बंद की हैं। इसी तरह कुमारी बैंक ने 24 और नेपाल इन्वेस्टमेंट मेगा बैंक ने 18 शाखाओं को बंद किया है।

By editor

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