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नई दिल्ली, 30 जून । केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकासमंत्री शिवराज सिंह चौहान दो दिवसीय पूर्वोत्तर दौरे पर जाएंगे। चौहान 30 जून को दिल्ली से रवाना होकर इसी दिन असम की राजधानी गुवाहाटी में उच्चस्तरीय बैठक करेंगे और फिर 1 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी हालात का सीधा जायजा लेंगे।

कृषि मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार बाढ़ से प्रभावित इलाकों पर खुद नजर रख रही है और राहत व पुनर्वास को तेज़ करने के लिए फील्ड पर उतरकर फैसले लेना चाहती है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वोत्तर के असम और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीयमंत्री शिवराज सिंह चौहान को तुरंत ग्राउंड रिव्यू के लिए भेजने का फैसला किया है।

तय कार्यक्रम के मुताबिक, चौहान 30 जून को दिल्ली से रवाना होंगे और उसी दिन असम की राजधानी गुवाहाटी पहुँचकर राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। इस बैठक में असम और आसपास के इलाकों में बाढ़ से फसलों, गांवों और बुनियादी ढांचे पर पड़े असर, चल रहे राहत कार्यों की रफ्तार और आगे की जरूरतों पर विस्तार से चर्चा होगी।

असम की समीक्षा के बाद 1 जुलाई को शिवराज सिंह चौहान अरुणाचल प्रदेश के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करेंगे, जहां वे हवाई और ज़मीनी सर्वे के जरिए बाढ़ की मार झेल रहे गांवों, खेतों और राहत शिविरों की स्थिति को नजदीक से देखेंगे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह बाढ़ से प्रभावित किसानों, स्थानीय निवासियों, महिला समूहों और युवाओं से सीधे बातचीत करेंगे, यह समझने के लिए कि अब तक पहुंची मदद कितनी कारगर रही है और तुरंत किस तरह के अतिरिक्त कदमों की ज़रूरत है। इसी दिन वे अरुणाचल प्रदेश सरकार के मंत्रियों वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें भी करेंगे, जिनमें फसल नुकसान का आकलन, किसानों को मुआवज़ा और फसल बीमा भुगतान, बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों और तटबंधों की मरम्मत, साथ ही ग्रामीण बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने की रणनीति पर बात होगी।

By editor

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