केंद्र की मोदी सरकार 21 जून को फिर से होने वाली नीट-यूजी की परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और बिना गड़बड़ी के आयोजित करने के लिए भारतीय वायुसेना की मदद लेने पर विचार कर रही है. पेपर्स को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए IAF की मदद लेने की संभावना पर विचार विमर्श जारी है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इस विकल्प पर बात की गई.
मोदी सरकार के इस प्रस्ताव पर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने तंज कसते हुए कहा कि आंसर शीट को परीक्षा केंद्रों से उठाने और उसे OSM सर्वर पर अपलोड करने के लिए नेवी सबमरीन का इस्तेमाल कीजिए. जय हो सरकार.
Chronology samjhiye
– Army picks up the NEET exam paper from the printing centre.
– Army bullet proof vehicles take them to the nearest airbase
– IAF then flies these papers to all destinations.(Lets use Navy submarines to take answer sheets for scanning and upload to servers…
— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) May 28, 2026
प्रियंका चतुर्वेदी ने कसा तंज
शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर नीट संबंधी खबरों को शेयर करते हुए लिखा कि भारतीय वायु सेना अब एग्जाम के पेपर्स पहुंचाएगी. ठीक है. एक अन्य पोस्ट में लिखा कि क्रोनोलॉजी समझिए, आर्मी प्रिंटिंग सेंटर से नीट एग्जाम पेपर उठाएगी. सेना की बुलेट प्रूफ गाड़ियां उन्हें नजदीकी एयरबेस तक लेकर जाएंगी. भारतीय वायुसेना इन प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्रों पर तक पहुंचाएगी.
IAF के विमानों के इस्तेमाल पर चर्चा
पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात पर चर्चा की कि क्या (नीट-यूजी) प्रश्नपत्रों को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाने के लिए IAF के विमानों का इस्तेमाल किया जा सकता है. सूत्रों ने बताया कि हालांकि अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और इस विकल्प पर अंतिम फैसला लेने के लिए इसे प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष रखा जाएगा.
पीएम मोदी कर रहे तैयारियों की निगरानी
रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा की तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं और उन्हें परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित हर जानकारी दी जा रही है. गुरुवार को हुई बैठक में परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर ध्यान दिया गया, जिसमें शिक्षकों द्वारा प्रश्नपत्र तैयार करने और प्रश्नपत्र छापने से लेकर परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था तक सभी मुद्दे शामिल थे.
