शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर NEET और CBSE परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर निशाना साधा है. उन्होंने लिखा कि इन परीक्षाओं में जो पूरी तरह से गड़बड़ी हुई है, वह न केवल बोर्ड और HRD मंत्रालय की अक्षमता को उजागर करती है, बल्कि भारत के प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं की वैश्विक प्रतिष्ठा, भरोसे और रोजगार की संभावनाओं को भी गंभीर नुकसान पहुंचाती है.

आदित्य ठाकरे ने दो टूक कहा है कि शिक्षा मंत्री, NTA और CBSE बोर्ड के सदस्यों को पद से हटाए बिना लाखों प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को न्याय नहीं मिल सकता. उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने NEET का पेपर लीक किया है और CBSE में OSM (On-Screen Marking) को गड़बड़ किया है या ठीक से लागू नहीं किया, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिए बिना 2047 के ‘विकसित भारत’ का वादा करने का कोई मतलब नहीं है.”

The absolute mess in the NEET and CBSE examinations not only shows the absolute inefficiency of those on the boards and the HRD ministry to conduct these exams, but also damages the global repute, trust and employability of India’s talented hardworking youth.

Without sacking the…

— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) May 29, 2026

आदित्य ठाकरे ने आगे लिखा कि अपनी गलतियों को सुधारे बिना और शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाए बिना भविष्य में बेहतर परिणामों की उम्मीद करना व्यर्थ है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दोबारा कराई जा रही है. साथ ही CBSE कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं की ऑन-स्क्रीन मार्किंग में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की शिकायतें आई हैं, जिनमें आंसर शीट मिसमैच, ब्लर्ड स्कैन और गलत अंक देने की घटनाएं शामिल हैं. हजारों छात्रों ने री-चेकिंग की मांग की है.

विपक्षी दलों ने शिक्षा व्यवस्था को बताया विफल

आदित्य ठाकरे का यह पोस्ट छात्रों के बीच व्याप्त गुस्से और अविश्वास दिखा रहा है. विपक्षी दलों ने भी शिक्षा व्यवस्था की पूरी तरह से विफलता बताते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. महाराष्ट्र में छात्र संगठन भी प्रदर्शन कर रहे हैं. शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं न केवल छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं बल्कि देश की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं पर वैश्विक स्तर पर सवाल उठा रही हैं.

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights