ब्रह्मप्रकाश शर्मा
जानसठ। विकास खंड सभागार में बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिक्षक एवं शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के शुभारंभ का सजीव प्रसारण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक प्रतिनिधि सुप्रिया पाल तथा अन्य अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद उपस्थित शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण देखा।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करते हुए प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों एवं उनके परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की। साथ ही 1.10 करोड़ विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग एवं स्टेशनरी के लिए डीबीटी के माध्यम से प्रति छात्र 1200 रुपये की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजने की योजना का भी शुभारंभ किया। इसके अतिरिक्त लगभग 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ हुए एमओयू के क्रियान्वयन की भी शुरुआत की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक प्रतिनिधि सुप्रिया पाल ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और सशक्त बनाने के लिए लगातार ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों के लिए सुरक्षा कवच सिद्ध होगी, जबकि डीबीटी व्यवस्था से विद्यार्थियों को बिना किसी बिचौलिये के सीधा लाभ मिलेगा।
इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार गौड़ एवं शिक्षकों ने मुख्य अतिथि और मंचासीन अतिथियों को तुलसी का पौधा भेंटकर सम्मानित किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में चयनित शिक्षकों एवं कर्मचारियों को प्रमाण-पत्र वितरित कर सम्मानित भी किया गया। संचालन मास्टर पुष्पराज सिंह ने किया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र चौधरी, तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता, खंड शिक्षा अधिकारी आजाद वीर, एसबीआई प्रबंधक विकास मुल्तानी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

