नीरज प्रजापति
मुरादाबाद में पदाधिकारियों पर दर्ज मुकदमों को लेकर गरमाया मामला, मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई पर उठाए सवाल, प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान।
मुजफ्फरनगर। मुरादाबाद में शिवसेना पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को लेकर संगठन ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर शिवसेना ने उत्तर प्रदेश सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश के सभी जनपदों में व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदेश महासचिव बिट्टू सिखेड़ा ने साफ शब्दों में कहा कि संगठन अपने पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को लेकर चुप नहीं बैठेगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा।
मंगलवार, 13 अक्टूबर को मुजफ्फरनगर में शिवसेना के 21 पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश महासचिव बिट्टू सिखेड़ा और नरेंद्र ठाकुर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में दिए गए इस ज्ञापन के जरिए मुरादाबाद प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित मुकदमों को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई गई।
धार्मिक आस्था के मुद्दे पर प्रशासन से टकराव
शिवसेना नेताओं ने मुरादाबाद में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राज्य प्रमुख ललित मोहन शर्मा, मंडल प्रमुख गुड्डू सैनी समेत अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाने पर सवाल उठाए। संगठन का कहना है कि मंदिर में जलाभिषेक करना सनातन धर्म को मानने वाले लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय है। इसी आधार पर नेताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई को अनुचित बताते हुए सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की।
शिवसेना पदाधिकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट किया कि इस मामले का समाधान बातचीत और उचित कार्रवाई के जरिए निकाला जाना चाहिए। संगठन ने संबंधित मुकदमों की समीक्षा कर उन्हें वापस लेने की मांग उठाई है।
गठबंधन में रहते हुए भी असहाय महसूस कर रहे पदाधिकारी
शिवसेना के निवर्तमान उप राज्य प्रमुख प्रमोद अग्रवाल ने कहा कि राजनीतिक गठबंधन में शामिल होने के बावजूद संगठन के पदाधिकारी खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मामले में उचित कदम उठाने और पदाधिकारियों को राहत दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। संगठन के नेताओं ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री स्तर से मामले का संज्ञान लेकर समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
बिट्टू सिखेड़ा का अल्टीमेटम, हर जिले में आंदोलन की तैयारी
प्रदेश महासचिव बिट्टू सिखेड़ा ने चेतावनी दी कि यदि मुरादाबाद में दर्ज मुकदमे जल्द वापस नहीं लिए गए तो शिवसेना प्रदेश के प्रत्येक जनपद में जन आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन की नौबत आने पर इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस चेतावनी के बाद मामला केवल एक जिले तक सीमित न रहने देने का संगठन का रुख स्पष्ट हो गया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रमोद अग्रवाल, नरेंद्र ठाकुर, आलोक अग्रवाल, मंगतराम सोनकर, देवेंद्र चौहान, विकास कुमार, योगेंद्र कुमार, सोनू वर्मा, जांगी सौदाई, देवांश मलिक, मनोज कुमार, ललित रहेला और संजय कुमार समेत अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। अब शिवसेना की नजर सरकार की प्रतिक्रिया पर है। संगठन ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन का रास्ता अपनाने के संकेत देकर प्रशासन और सरकार के सामने अपनी मांग को प्रमुखता से रख दिया है।
