वीके सक्सेना के आपराधिक मानहानि मामले में दोषी करार मेधा पाटकर ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया

नई दिल्ली, 07 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना की ओर से दाखिल आपराधिक मानहानि के मामले में दोषी करार नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। जस्टिस शलिंदर कौर की बेंच ने इस मामले पर अगली सुनवाई 19 मई को करने का आदेश दिया।

आज इस मामले की सुनवाई के दौरान मेधा पाटकर की ओर से पेश वकील ने कहा कि ट्रायल कोर्ट का आदेश उसके क्षेत्राधिकार के बाहर का है। उसके बाद कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश की प्रमाणित प्रति दाखिल करने का आदेश दिया। मेधा के वकील ने कहा कि इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सशरीर पेश होने का आदेश दिया था, ताकि सजा पर सुनवाई की जा सके। ट्रायल कोर्ट के समक्ष 8 अप्रैल को सुनवाई होनी है, लेकिन मेधा 8 अप्रैल को सशरीर पेश नहीं हो सकतीं, वे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हो सकती हैं। तब हाई कोर्ट ने कहा कि आप ट्रायल कोर्ट के समक्ष अर्जी दाखिल कीजिए, वो कानून के मुताबिक फैसला करेंगे।

मेधा के खिलाफ वीके सक्सेना ने आपराधिक मानहानि का केस अहमदाबाद के कोर्ट में 2001 में दायर किया था। गुजरात के ट्रायल कोर्ट ने इस मामले पर संज्ञान लिया था। बाद में 2003 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई गुजरात से दिल्ली के साकेत कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया था। मेधा ने 2011 में अपने को निर्दोष बताते हुए ट्रायल का सामना करने की बात कही। सक्सेना ने जब अहमदाबाद में केस दायर किया था, उस समय वो नेशनल काउंसिल फॉर सिविल लिबर्टीज के अध्यक्ष थे।

हिन्दुस्थान समाचार/संजय———–

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