विकास कर्णवाल
सुबह से दर्शन के लिए कतारों में खड़े रहते हैं श्रद्धालु, प्रसाद के बाद गुरुजी से जल ग्रहण करने को लेकर लोगों में गहरी आस्था
बरेली। बरेली और मुरादाबाद के बीच आंवला तहसील क्षेत्र के एक छोटे से गांव में स्थित मनोना धाम इन दिनों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग यहां बाबा श्याम के दर्शन और गुरुजी का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। सुबह होते ही धाम परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो जाती है और देखते ही देखते दर्शन के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं।
मनोना धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की दिनचर्या में बाबा श्याम के दर्शन, प्रसाद ग्रहण करना और इसके बाद गुरुजी के हाथ से जल ग्रहण करना प्रमुख रूप से शामिल है। श्रद्धालु शांत वातावरण में अपनी बारी का इंतजार करते हैं। परिसर में आस्था और श्रद्धा का ऐसा माहौल दिखाई देता है, जहां हर उम्र के लोग अपनी-अपनी मनोकामना और विश्वास के साथ पहुंचते नजर आते हैं।

धाम में आने वाले कई श्रद्धालुओं का कहना है कि वे लंबे समय से मनोना धाम के बारे में सुनते आ रहे थे। किसी ने परिचितों से यहां की मान्यताओं के बारे में सुना तो कोई अपनी व्यक्तिगत आस्था के चलते पहली बार धाम पहुंचा। कई श्रद्धालु ऐसे भी मिले, जो बार-बार यहां आने की बात कहते हैं। उनका मानना है कि गुरुजी के हाथ से जल ग्रहण करने और बाबा श्याम के दर्शन से उन्हें मानसिक शांति और आत्मिक संतोष मिलता है।
दैनिक मुदगल टाइम्स के क्षेत्रीय प्रभारी विकास कर्णवाल ने धाम पर पहुंचे श्रद्धालुओं से बातचीत की। अलग-अलग स्थानों से आए लोगों ने बताया कि वे अपनी श्रद्धा और विश्वास के चलते मनोना धाम पहुंचते हैं। कुछ लोगों ने अपने स्वास्थ्य संबंधी अनुभव भी साझा किए और कहा कि गुरुजी के हाथ से जल ग्रहण करने के बाद उन्हें आराम महसूस होता है। हालांकि इन अनुभवों को श्रद्धालुओं की व्यक्तिगत मान्यता और आस्था के रूप में देखा जाना चाहिए।
गुरुजी ओमेंद्र चौहान का कहना है कि मनोना धाम में जो भी श्रद्धा और भीड़ दिखाई दे रही है, वह बाबा श्याम की कृपा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं को केवल एक माध्यम मानते हैं। उनके अनुसार, दिन-प्रतिदिन मनोना धाम से लोगों की आस्था जुड़ती जा रही है और दूर-दूर से श्रद्धालुओं का पहुंचना लगातार जारी है।
