नीरज प्रजापति
अलमासपुर स्थित महर्षि कश्यप छात्रावास में विधि-विधान से हुआ हवन-पूजन, समाज के बुद्धिजीवियों ने महर्षि कश्यप के जीवन आदर्शों पर डाला प्रकाश
मुजफ्फरनगर। अलमासपुर स्थित महर्षि कश्यप छात्रावास के प्रांगण में रविवार को महर्षि कश्यप जयंती श्रद्धा, आस्था और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में समाज के लोगों ने महर्षि कश्यप के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके आदर्शों, तप, ज्ञान और समाज निर्माण की भावना को आत्मसात करने का संकल्प लिया। पूरा परिसर धार्मिक वातावरण और महर्षि कश्यप के जयघोष से गुंजायमान रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ कश्यप वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष बलबीर सिंह कश्यप (बाबा जी) एवं एडवोकेट इंद्र सिंह कश्यप ने विधिवत दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही महर्षि कश्यप के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन का आयोजन किया गया। हवन में राजेश कश्यप एवं उनकी पत्नी यजमान रहे। उपस्थित लोगों ने आहुतियां देकर समाज, राष्ट्र और समस्त मानवता के कल्याण की कामना की।
जयंती समारोह में समाज के वरिष्ठ बुद्धिजीवी विक्रम सिंह रामायणी, रोशन लाल कश्यप, ओमकार कश्यप, कमल नैन सिंह, आशुतोष व्यास (Ascent Public School), डॉ. नीरज कश्यप और इकबाल सिंह सहित छात्रावास के सभी पदाधिकारी एवं छात्र मौजूद रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने महर्षि कश्यप के जीवन और उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि महर्षि कश्यप भारतीय ऋषि परंपरा के महान मनीषी रहे हैं। उनका जीवन ज्ञान, तप, साधना, अनुशासन और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। उनके आदर्शों को केवल जयंती तक सीमित रखने के बजाय जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
वक्ताओं ने विशेष रूप से कश्यप समाज में शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक उन्नति शिक्षा, संस्कार और एकता से होती है। समाज के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। महर्षि कश्यप के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज को शिक्षित, संस्कारित और संगठित बनाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्रावास की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे संस्थान समाज के विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार और आगे बढ़ने का वातावरण प्रदान करते हैं। समारोह में उपस्थित लोगों ने छात्रावास के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अंत में समिति की ओर से श्रद्धालुओं एवं उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। महर्षि कश्यप के जयघोष और श्रद्धाभाव के साथ जयंती समारोह का समापन हुआ। कार्यक्रम ने समाज में शिक्षा, संस्कार, एकता और महर्षि कश्यप के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
