खतौली। सर्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान एवं वेद मर्मज्ञ स्वामी आर्यवेश जी महाराज ने कहा कि लॉर्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति ने भारत को बर्बाद किया है।
सर्वदेशिक आर्य सभा के कार्यालय दयानंद भवन में स्वामी जी ने देश के अनेक प्रदेशों के विभिन्न प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि लॉर्ड मैकाले के शिक्षा पद्धति ने हमारे युवकों के चरित्र को बिगाड़ कर रख दिया है परिवारों में संस्कार नहीं है माता-पिता तथा गुरु के संस्कार बच्चों पर नहीं है।

सर्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष ने कहा कि लॉर्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति के विरोध में अमर शहीद स्वतंत्रता सेनानी एवं शुद्धि आंदोलन के प्रणेता हुतात्मा स्वामी श्रद्धानंद जी ने 1902 में हरिद्वार के कांगड़ी गांव में गुरुकुल खोला था। और सर्वप्रथम अपने बच्चों को ही गुरुकुल में प्रवेश कराया था। जो आज अंतर्राष्ट्रीय यूनिवर्सिटी के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए हैं
स्वामी जी महाराज ने कहा की श्रद्धानंद भवन को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाए। बच्चों को सोशल मीडिया पर गंदे गंदे चित्रों से दूर रखा जाए। स्वामी जी ने कहा कि प्रत्येक जनपद में बलिदानी स्वामी श्रद्धानंद स्मारक बनाया जाएगा और उन्हें भारत रत्न देने की मांग केंद्र सरकार से की जाएगी।
जेवर के हवाई अड्डे को महर्षि दयानंद एयरपोर्ट करने के लिए भी उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार से आग्रह किया।
इस सभा में राजस्थान हरियाणा मध्य प्रदेश बिहार उत्तराखंड उड़ीसा विदर्भ मध्य प्रदेश दिल्ली पंजाब तेलंगाना उत्तर प्रदेश हिमाचल प्रदेश महाराष्ट्र प्रदेश आदि से लगभग 150 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।पश्चिमी उत्तर प्रदेश से सत्येंद्र आर्य प्रधान आर्य प्रतिनिधि सभा मुजफ्फरनगर, अजय आर्य दादरी ,वैदिक प्रवक्ता कंवरपाल शास्त्री मुजफ्फरनगर में भाग लिया और विचार प्रस्तुत किये।

इस अवसर पर विभिन्न समितियां का निर्माण भी किया गया। सत्येंद्र आर्य एवं अजय आर्य को वेद प्रचार समिति में नियुक्त किया गया जबकि कंवरपाल शास्त्री जी को यज्ञ समिति में रखा गया।
कार्यक्रम का संचालन आंध्र प्रदेश के प्रोफेसर विट्ठल राव मंत्री सर्वदेशिक प्रतिनिधि सभा ने तथा अध्यक्षता स्वामी आवेश महाराज ने की।
