नीरज प्रजापति

रक्षाबंधन पर भावुक हुआ जेल का माहौल, राखी और मिठाई लेकर पहुंचीं बहनें; भाइयों की लंबी उम्र की मांगी दुआ
मुजफ्फरनगर। रक्षाबंधन का पावन पर्व केवल एक धागे का त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और भावनाओं का प्रतीक है। इसी भाव को लेकर शुक्रवार को जिला कारागार में भी रक्षाबंधन का पर्व भावुक माहौल के बीच मनाया गया। जेल की ऊंची दीवारों और सलाखों के बावजूद बहनों का स्नेह अपने भाइयों तक पहुंचा। हाथों में राखी और मिठाई लिए बहनें अपने बंदी भाइयों से मिलने जेल पहुंचीं और उनकी कलाई पर प्रेम का पवित्र धागा बांधा। सुबह से ही जेल परिसर के आसपास रक्षाबंधन की अलग ही तस्वीर दिखाई दी। कोई बहन अपने भाई के लिए पसंदीदा मिठाई लेकर पहुंची तो किसी के हाथ में रंग-बिरंगी राखियां थीं। आंखों में भाई से मिलने की खुशी थी, लेकिन लंबे समय बाद सामने आए भाई को देखकर कई बहनों की आंखें नम भी हो गईं। मुलाकात के दौरान भावनाओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि कुछ पल के लिए जेल की कठोर दीवारें भी भाई-बहन के रिश्ते की गर्माहट के सामने छोटी नजर आईं। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधते हुए उनकी लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की। भाइयों ने भी अपनी बहनों को हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। राखी बांधने के बाद बहनों ने भाइयों को मिठाई खिलाई। कई भाइयों ने अपनी बहनों का आशीर्वाद लेते हुए इस पर्व को भावुक बना दिया।
सलाखें रोक न सकीं रिश्तों की डोर
जेल में बंद होना किसी व्यक्ति को परिवार और अपनों की भावनाओं से अलग नहीं कर सकता। रक्षाबंधन पर हुई मुलाकातों ने यह बात एक बार फिर साबित कर दी। बहनों के लिए उनके भाई भले ही जेल की चारदीवारी के भीतर हों, लेकिन उनके दिलों में भाई के लिए प्यार और चिंता पहले जैसी ही थी। राखी के उस छोटे से धागे में बहनों ने अपने भाई के लिए ढेरों दुआएं और उम्मीदें बांध दीं।
जेल प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए जेल प्रशासन की ओर से भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। मुलाकात के लिए आने वाली बहनों की सुविधा और व्यवस्था का ध्यान रखा गया, ताकि पर्व के दौरान किसी को परेशानी न हो। भाई-बहन के मिलन के इन भावुक पलों ने पूरे माहौल को संवेदनाओं से भर दिया। रक्षाबंधन के इस पर्व पर जेल की दीवारों के भीतर एक बार फिर यह संदेश गूंजता नजर आया कि सच्चे रिश्तों को न दूरी मिटा सकती है और न ही सलाखें रोक सकती हैं। बहन की कलाई में बंधी राखी और भाई की आंखों में छलकता प्यार इस पर्व की सबसे भावुक तस्वीर बन गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights