बरेली, 07 मई । औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और फायर सेफ्टी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) बरेली चैप्टर और अग्निशमन विभाग बरेली के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार काे बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता आईआईए बरेली चैप्टर के चेयरमैन मयूर धीरवानी ने की जबकि संचालन कोषाध्यक्ष आशीष गुप्ता ने किया।
रेली चैप्टर के चेयरमैन मयूर धीरवानी ने औद्योगिक विकास के साथ सुरक्षा मानकों के पालन को अनिवार्य बताते हुए कहा कि किसी भी उद्योग की सफलता केवल उत्पादन पर नहीं, बल्कि सुरक्षित कार्य वातावरण पर भी निर्भर करती है। उन्होंने इस तरह की बैठकों को उद्योगों के लिए उपयोगी और मार्गदर्शक बताया।
बैठक में अग्निशमन विभाग की ओर से मुख्य अतिथि के रूप में मनु शर्मा अपने दल के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने उद्यमियों को फायर एनओसी की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों, तकनीकी मानकों और विभागीय नियमों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि औद्योगिक इकाइयों को उनके जोखिम स्तर और श्रेणी के अनुसार वर्गीकृत किया गया है, जिससे सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि फायर एनओसी की प्रक्रिया पहले की तुलना में अब अधिक सरल और पारदर्शी हो चुकी है। पहले जहां इसकी लागत लगभग 8 से 10 लाख रुपये तक होती थी, वहीं अब यह घटकर करीब 4 से 5 लाख रुपये तक रह गई है।
उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे अपनी इकाइयों के लिए शीघ्र फायर एनओसी प्राप्त करें ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी समस्या से बचा जा सके। साथ ही उन्होंने नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट, उपकरणों की समय-समय पर जांच और कर्मचारियों के प्रशिक्षण को अत्यंत आवश्यक बताया।
इस अवसर पर परसाखेड़ा फायर इंचार्ज एसआई के.के. बंसल सहित अग्निशमन विभाग की टीम भी मौजूद रही और तकनीकी जानकारी साझा की। कार्यक्रम के अंत में सचिव रजत मेहरोत्रा ने सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं उद्यमियों का आभार व्यक्त किया। बैठक में सीईसी सदस्य विमल रिवाड़ी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नीरज गोयल, राष्ट्रीय सचिव तनुज भसीन सहित कई प्रमुख उद्यमी जैसे एस.के. सिंह, मनोज पंजाबी, अजय शुक्ला, अनिल अग्रवाल, सलिल बंसल, अशोक मित्तल, राजीव आनंद, सुनीत मूना, जितेंद्र सिंह और प्रियंक वर्मा सहित लगभग 40 उद्यमियों ने भाग लिया।
