ibca-summit-cheetah-project

नई दिल्ली, 19 मई । अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) शिखर सम्मेलन से पहले केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को चीता परियोजना की समीक्षा के लिए बैठक की। केन्द्रीय मंत्री ने बैठक के बाद कहा कि भारत में चीतों की वापसी के लिए शुरू की गई महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट चीता योजना को बड़ी सफलता मिली है। देश में अब कुल 53 चीते हो चुके हैं, जिनमें 33 शावकों का जन्म भारत में हुआ है।

चीता परियोजना की प्रगति पर चर्चा में वन्यजीव विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि गुजरात के बन्नी घास के मैदान में भी परियोजना के विस्तार की तैयारी चल रही है। यहां चीता आवास और शिकार प्रजातियों को बढ़ाने का काम तेजी से किया गया है।

अगले चरण में परियोजना को नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण तक बढ़ाने की योजना है। साथ ही अफ्रीकी देशों से और चीतों को लाकर उनकी संख्या और आनुवंशिक विविधता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि चीते भारतीय वातावरण में अच्छी तरह ढल रहे हैं। उनकी गतिविधियां सामान्य हैं और स्वास्थ्य संबंधी कोई बड़ा तनाव नहीं देखा गया है।

उल्लेखनीय है कि चीता परियोजना की शुरुआत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से 20 चीतों को भारत लाकर की गई थी। बाद में बोत्सवाना से भी 9 चीते लाए गए। कूनो राष्ट्रीय उद्यान को चीतों के मुख्य आवास के रूप में विकसित किया गया है। इसके अलावा गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में भी चीतों के लिए तैयारियां पूरी की जा रही हैं।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights