प्रयागराज, 18 अप्रैल । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाईकोर्ट के महानिबंधक से 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है कि कैसे और किन परिस्थितियों में जेल में बंद व्यक्ति ने शपथ आयुक्त के समक्ष उपस्थित होकर हलफनामा दाखिल किया है और अधिवक्ता ने उसकी पहचान कैसे की है।
कोर्ट ने पूछा है कि बिना शपथ कर्ता की मौजूदगी के शपथ आयुक्त ने उसके फोटो का सत्यापन कैसे कर लिया। या इसमें अन्य कोई तीसरा व्यक्ति भी लिप्त है। सभी बातों का रिपोर्ट में खुलासा करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति हरवीर सिंह ने सतीष कुमार उर्फ अमित की अर्जी पर दाखिल किया है।
मामला है, 16 फरवरी 26 को एक हलफनामा दाखिल किया गया। जिस पर शपथ कर्ता श्याम सिंह के हस्ताक्षर हैं और सत्यापन शपथ आयुक्त ने किया है, जो 2 जनवरी 26 से जेल में बंद हैं। कोर्ट ने सवाल उठाया है कि एक कैदी ने कैसे फोटो खिंचवाई और शपथ आयुक्त से सत्यापित हलफनामा कैसे दाखिल कर दिया। जमानत अर्जी की अगली सुनवाई 4 मई को होगी।
