दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार से चांदनी चौक में पुनर्विकास कार्य की निरंतर प्रगति और रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा है।

डिवीजन बेंच की अध्यक्षता कर रहे मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने चांदनी चौक में विकास के विभिन्न चरणों और उसमें होने वाली देरी को उजागर करने वाली एक अखबार की रिपोर्ट के आधार पर जनहित याचिका (पीआईएल) का निपटारा कर दिया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा, “अदालत को याचिका को जारी रखने का कोई कारण नहीं मिला। हालांकि, राज्य सरकार से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है कि वो पुनर्विकास कार्य जारी रखे।”

बेंच ने स्टेटस रिपोर्ट को स्वीकार किया, जिससे पता चला कि दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार की एजेंसियों ने क्षेत्र के पुनर्विकास की दिशा में कदम उठाए हैं।

कोर्ट ने कहा कि पुनर्विकास का मकसद स्थानीय व्यापारियों को लाभ पहुंचाना है। व्यापारियों को चांदनी चौक के प्रवेश द्वार पर बूम बैरियर के प्रबंधन में शामिल किया जाना चाहिए।

इस पर फॉर्मूला तैयार करने के लिए व्यापारी संघों को दिल्ली पुलिस के साथ सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

अदालत ने उम्मीद जताई कि व्यापारियों के संगठन स्वेच्छा से इस प्रयास में अधिकारियों की सहायता करेंगे।

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