नोएडा, 28 मई । साइबर अपराधियों ने शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर एक नामी प्राइवेट कंपनी के पूर्व प्रबंधक से 47 लाख 90 हजार रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पीड़ित को व्हाट्सऐप ग्रुप पर जोड़कर जालसाजी की। पीड़ित ने आज साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने गुरुवार काे बताया कि ग्रेटर नोएडा स्थित एटीएस डोल्से सोसाइटी निवासी 56 वर्षीय रूपम गुप्ता ने पुलिस को बताया कि वह एक ऑटो मोबाइल कंपनी में प्रबंधक के पद पर कार्य करते थे। कुछ समय पहले वह सेवानिवृत्त हुए और वर्तमान में दुकान पर खिलाैना बेचते हैं। उनके व्हाट्सऐप पर 28 अप्रैल को एक मैसेज आया। उसमें शेयर ट्रेडिंग के बारे में बताया गया। निवेश करने पर मोटा मुनाफा होने का झांसा दिया गया। जालसाज ने बताया कि वह क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर नामक ट्रेडिंग कंपनी का कर्मचारी है। उनकी कंपनी अपने ग्राहकों को सुबह नौ बजे से 9.15 बजे तक और शाम छह बजे से सात बजे के बीच ट्रेडिंग करवाती है। उसने एक व्हाट्सऐप ग्रुप पर जोड़ दिया। ग्रुप का एडमिन कथित राजेश अहीर नामक व्यक्ति था। उस ग्रुप में 244 से अधिक लोग जुड़े हुए थे। वे निवेश की रकम की जानकारी और मुनाफे की जानकारी साझा कर रहे थे। वे उसमें मोबाइल के स्क्रीन शॉट भी साझा कर रहे थे।
धीरे-धीरे करके उन्होंने अपने आईसीआईसीआई बैंक खाते से 47 लाख 90 हजार रुपये निवेश कर दिए। निवेश करने के बाद ग्रुप पर तीन गुना राशि दिखाई दे रही थी। जब उन्होंने रुपये निकालने के लिए कहा तो जालसाजों ने विभिन्न प्रकार के कर के रूप में और रकम जमा करने के लिए कहा। धीरे-धीरे उन्हें ठगी का अहसास हो गया। उनका कहना है कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है।
पीड़ित के अनुसार उन्होने 29 अप्रैल को एक लाख रुपये, 30 अप्रैल को दो लाख रुपये, एक मई को दो लाख रुपये, पांच मई को दो लाख 20 हजार रुपये, उसी दिन दो लाख 80 हजार रुपये, छह मई को पांच लाख रुपये, छह मई को एक लाख 70 हजार रुपये, आठ मई को चार लाख 75 हजार रुपये, नौ मई को चार लाख 75 हजार रुपये, 10 मई को एक लाख रुपये, 11 मई को 50 हजार रुपये, 12 मई को पांच लाख रुपये, 13 मई को छह लाख 70 हजार रुपये, 14 मई को आठ लाख 50 हजार रुपये यानि कुल 47 लाख 90 हजार रुपये ट्रांसफर किए।
पीड़ित ने बताया कि व्हाट्सऐप ग्रुप में 244 लोग जुड़े हुए थे। उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया हुआ था। पहला इंटर्न, जो तीन लाख रुपये से अधिक निवेश करने वाले थे और दूसरे जो 40 लाख रुपये से अधिक निवेश करने वाले और तीसरी श्रेणी विशेष थी, जहां लोग दो करोड़ रुपये से अधिक निवेश कर सकते हैं। शुरुआत में पीड़ित को इंटर्न समूह में जोड़ा गया था। जहां 75 लोग जुड़े थे।
पीड़ित ने बताया कि ग्रुप एडमिन कथित राजेश ने उन्हें और ग्रुप के लोगों को अधिक लाभ कमाने के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि यदि उन्हें अधिक लाभ कमाना है तो वह अमेरिकी शेयर बाजार में निवेश करें। उन्होंने इसके लिए ग्रुप में एक महिला को नियुक्त किया था। वह लोगों को बताती थी कि किस खाते में रकम ट्रांसफर करनी है।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 29 अप्रैल से शेयर ट्रेडिंग शुरू की। एक आईपीओ में उन्होंने 100 रुपये प्रति शेयर के अनुसार 2200 शेयर दो लाख 20 हजार रुपये देकर खरीद लिए। यह शेयर 203.13 रुपये प्रति शेयर भाव से बिके। इस पर उन्हें दो लाख 26 हजार 886 रुपये का लाभ हुआ, लेकिन वह इस रकम को निकाल नहीं सके। दूसरे आईपीओ में उन्होंने 1,40,200 शेयर 43 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 60,28,600 रुपये में आवंटित किए गए थे, जिसके लिए उन्होंने शेष राशि और लाभ का भुगतान कर दिया था। इसमें उन्हें 13.07 लाख रुपये मिले थे।
