नीरज प्रजापति
जिला अस्पताल की इमरजेंसी से पोषण पुनर्वास केंद्र तक व्यवस्थाओं की पड़ताल, भर्ती बच्ची और अन्य मरीजों से सीधे बातचीत कर जाना उपचार का हाल।
मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं और उपचार की व्यवस्था परखने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने शनिवार को औचक निरीक्षण किया। बिना पूर्व सूचना अस्पताल पहुंचे सीएमओ ने इमरजेंसी से लेकर पोषण पुनर्वास केंद्र तक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सकों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों के उपचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। सीएमओ ने इमरजेंसी में तैनात इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. शिखर गौतम को निर्देशित किया कि अस्पताल पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में चिकित्सक की भूमिका केवल अपनी सीट पर बैठने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जरूरत पड़ने पर मरीज के पास पहुंचकर उसकी स्थिति का आकलन करना और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना भी उनकी जिम्मेदारी है।
मरीजों को स्टाफ के भरोसे छोड़ने की प्रवृत्ति पर जताई सख्ती
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने विशेष रूप से जोर दिया कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को केवल अन्य कर्मचारियों के भरोसे न छोड़ा जाए। चिकित्सक स्वयं मरीजों की स्थिति पर नजर रखें और उपचार की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवाओं में समय का विशेष महत्व होता है, इसलिए प्रत्येक मरीज को जरूरत के अनुसार बिना अनावश्यक देरी के चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए।
उन्होंने इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रखने के निर्देश भी दिए, ताकि गंभीर अथवा चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों को अस्पताल के भीतर लाने और उपचार स्थल तक पहुंचाने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
बच्ची और परिजनों से बातचीत कर जाना उपचार का हाल
सीएमओ ने निरीक्षण को केवल औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने इमरजेंसी में भर्ती एक छोटी बच्ची के पास पहुंचकर उसका हालचाल जाना और उसके परिजनों से बातचीत कर उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा उन्होंने वहां मौजूद अन्य मरीजों से भी सीधे संवाद किया और पूछा कि उन्हें अस्पताल में किस प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं। इस दौरान मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं और उपचार व्यवस्था का जायजा लिया गया।
कुपोषित बच्चों की देखभाल पर भी दिया जोर
इमरजेंसी के निरीक्षण के बाद डॉ. सुनील तेवतिया जिला चिकित्सालय परिसर स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने भर्ती बच्चों की स्थिति और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। बच्चों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और संबंधित कर्मचारियों को उनके पोषण, देखभाल तथा उपचार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य केवल उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि मरीजों और बच्चों को बेहतर देखभाल देना भी है। उन्होंने चिकित्सकों और कर्मचारियों से अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने को कहा, ताकि अस्पताल आने वाले मरीजों को समयबद्ध, समुचित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
