तीन दिन पहले स्कूल से लौटते समय ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आई थीं मासूम बहनें, पहले पीहू की मौके पर हुई थी मौत, अब मेरठ अस्पताल में रूही ने भी ली अंतिम सांस; पूरे क्षेत्र में छाया मातम
मुजफ्फरनगर। शामली रोड पर तीन दिन पूर्व हुए
हृदय विदारक सड़क हादसे ने आखिरकार एक और मासूम जिंदगी निगल ली। हादसे में गंभीर रूप से घायल रूही पुत्री पंकज शर्मा ने मेरठ के अस्पताल में उपचार के दौरान शनिवार को अंतिम सांस ली। रूही की मौत की खबर जैसे ही परिजनों और मोहल्लेवासियों तक पहुंची, पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया। हर आंख नम हो गई और घर-आंगन में पसरा सन्नाटा इस असहनीय दर्द की गवाही देता नजर आया। पुलिस ने रूही के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस दर्दनाक हादसे ने एक ही झटके में दो मासूम बच्चियों की जिंदगी छीन ली और उनके परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए उजाड़ दीं। जिन आंगनों में बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार और सिसकियां सुनाई दे रही हैं। स्कूल से लौटने पर जिन नन्हे कदमों का इंतजार माता-पिता बेसब्री से किया करते थे, अब वही इंतजार हमेशा के लिए अधूरा रह गया। गौरतलब है कि तीन दिन पूर्व ईदगाह चौकी रोड स्थित गांधी पार्क के समीप दून वैली पब्लिक स्कूल से छुट्टी के बाद पंकज शर्मा अपनी बाइक पर पीहू, रूही और ख्वाइश को लेकर घर लौट रहे थे। जैसे ही वह गांधी पार्क के पास पहुंचे और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को ओवरटेक करने का प्रयास किया, तभी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर बाइक सवारों पर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि मासूम पीहू की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि रूही गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे तत्काल मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन शनिवार को वह भी जिंदगी की जंग हार गई।
इस हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। दो मासूम बच्चियों की असमय मौत ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। मोहल्ले में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर व्यक्ति यही कह रहा है कि काश यह हादसा न हुआ होता, तो आज दोनों मासूम बच्चियां अपने परिवार की गोद में होतीं।
