मिशन चंद्रयान-3 के लिए आज का दिन काफी अहम है। चंद्रयान 3 के लॉन्च के 34 दिन बाद आज लैंडिंग मॉड्यूल विक्रम मॉड्यूल अलग होंगे। इससे पहले बुधवार को चंद्रयान चंद्रमा की कक्षा में काफी करीब पहुंच गया था।

चंद्रयान चांद की कक्षा 153 किलोमीटर x 163 किलोमीटर में पहुंच गया है। इसरो की ओर से कहा गया है यह तय कार्यक्रम के अनुसार ही पहुंचा है। चंद्रयान से लैंडिंग मॉड्यूल अलग होने के बाद इस मिशन का अहम चरण पूरा हो जाएगा।

अभी तक चंद्रयान 3 की यात्रा की बात करें तो यह चंद्रयान 2 का फॉलोअप मिशन है। चंद्रयान 2 सितंबर 2019 में चांद पर सॉफ्ट लैंड नहीं कर सका था। जिसके बाद एक बार फिर से चांद पर लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग की कोशिश की जा रही है।

चंद्रयान 2 के विफल होने के बाद तकरीबन चार साल बाद फिर से इसरो ने इस चंद्रयान 3 को अंतरिक्ष में भेजा है। इस बार लैंडर में पिछले अनुभव के आधार पर कई बदलाव किए गए हैं। इस बार चंद्रयान 3 में पांचवां इंजन भी लगाया गया है। इसके लेग्स को मजबूत किया गया है, एलगोरिदम में सुधार किया गया है, अतिरिक्त सोलर पैनल लगाया गया है, नए सेंसर को भी इसमे लगाया है।

चंद्रयान 3 को 16 जुलाई को लॉन्च किया गया था। 18 जुलाई को चंद्रयान 3 सफलतापूर्वक धरती की कक्षा से एक चरण बाहर चला गया था। दो दिन के बाद 20 जुलाई को यह धरती की कक्षा से 71,351 किलोमीटर x 233 किलोमीटर दूर चला गया था। 25 जुलाई को चंद्रयान 3 ने धरती का कक्षा को पूरा कर लिया था।

चंद्रयान 3 23-24 अगस्त को चंद्रमा पर लैंड करेगा। इसके लिए इसरो लगातार अपनी योजना को पुख्ता कर रहा है। भारत अगर चांद पर सफलतापूर्वक लैंडर की लैंडिंग कराता है तो ऐसा करने वाला अमेरिका, रूस और चीन के बाद दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। माना जा रहा है कि 11 दिन में 21 अगस्त तक चंद्रयान चांद पर सफलतापूर्वक लैंड कर जाएगा।

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