लोकतंत्र को नष्ट करने के लिए भूकंप जैसा था आपातकाल : उपराष्ट्रपति
लोकतंत्र को नष्ट करने के लिए भूकंप जैसा था आपातकाल : उपराष्ट्रपति -कहा, तत्कालीन प्रधानमंत्री ने व्यक्तिगत हितों को सर्वोपरि रखते हुए कैबिनेट को दरकिनार कर राष्ट्रव्यापी आपातकाल लागू किया…










