नीरज प्रजापति
रोहाना क्षेत्र के कल्लरपुर-कछौली के जंगलों में बारिश से खेतों में भरा पानी, फसलें गिरने और खराब होने की आशंका से किसानों की बढ़ी चिंता; प्रभावित किसानों ने सर्वे कराकर मुआवजे की उठाई मांग।
मुजफ्फरनगर। मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने खेतों में तैयार खड़ी फसलों पर संकट खड़ा कर दिया है। रोहाना क्षेत्र के कलरपुर-कछौली के जंगलों में हुई बारिश के बाद कई खेतों में पानी भर गया है। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका गहरा गई है। जिन फसलों को किसान अच्छी पैदावार की उम्मीद में संभाल रहे थे, अब उनके खराब होने का खतरा मंडराने लगा है। प्रभावित किसानों का कहना है कि मौसम के अचानक करवट लेने से खेती-किसानी का पूरा गणित बिगड़ गया है। खेतों में जलभराव के कारण फसलों की जड़ों तक पानी पहुंचने और खड़ी फसलों के गिरने की आशंका है। यदि मौसम का यही रुख बना रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है।किसानों के सामने सबसे बड़ी चिंता अपनी महीनों की मेहनत और खेती पर किए गए खर्च को बचाने की है। किसान विनोद कुमार, जुनी पुंडीर, अभिषेक पुंडीर और विकास कुमार ने बताया कि खेती में पहले ही बीज, खाद, कीटनाशक और दवाइयों पर काफी रकम खर्च हो चुकी है। किसान फसल से अच्छी आमदनी की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन अचानक हुई बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेरने जैसी स्थिति पैदा कर दी है। उनका कहना है कि फसल खराब होने की स्थिति में उन्हें भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित खेतों का तत्काल सर्वे कराने की मांग की है। उनका कहना है कि राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर वास्तविक नुकसान का आकलन करे, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा मिल सके।
