ब्रह्म प्रकाश शर्मा
जानसठ। क्षेत्र में बीते दिनों हुई भीषण बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करने के साथ-साथ कई परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। कस्बे के मोहल्ला साहबराय निवासी शशांक राणा का पुश्तैनी मकान बारिश के कारण अचानक ढह गया। मकान गिरने से परिवार का घरेलू सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे पीड़ित परिवार के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है। पीड़ित ने उपजिलाधिकारी जानसठ को प्रार्थना पत्र देकर प्रशासन से राहत कोष अथवा आपदा राहत प्रबंधन के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
पीड़ित शशांक राणा पुत्र रामऋपाल राणा, निवासी मकान नंबर 36, मोहल्ला साहबराय, कस्बा जानसठ ने बताया कि 22 अगस्त 2026 को हुई भीषण बारिश के दौरान उनका पुश्तैनी मकान गिर गया। अचानक मकान के गिरने से परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मकान का एक हिस्सा गिरने से उसमें रखा घरेलू सामान भी मलबे में दब गया और काफी सामान टूटकर खराब हो गया।
शशांक राणा के अनुसार मकान में रखी अनाज की छोटी टंकी, ड्रेसिंग टेबल, कुर्सियां, बेड, बच्चों के कपड़े तथा रसोई का सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया। बारिश और मकान गिरने से हुए नुकसान के कारण परिवार को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि मकान पुश्तैनी होने के कारण उसके पुनर्निर्माण के लिए बड़ी धनराशि की आवश्यकता है, जबकि परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह स्वयं मकान का निर्माण करा सके।
पीड़ित ने 24 अगस्त 2026 को उपजिलाधिकारी जानसठ को प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले में प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि प्राकृतिक आपदा के कारण मकान गिरने और घरेलू सामान नष्ट होने से परिवार को भारी नुकसान हुआ है। इसलिए शासन की ओर से आपदा राहत प्रबंधन अथवा राहत कोष के अंतर्गत नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि परिवार को कुछ राहत मिल सके और वह अपने मकान का पुनर्निर्माण करा सके।
बारिश के दौरान कच्चे और जर्जर मकानों के गिरने की घटनाएं लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। ऐसे में ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में जर्जर मकानों का सर्वे कराकर प्रभावित परिवारों को समय रहते सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने तथा पात्र परिवारों को सरकारी सहायता दिलाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराकर मकान और सामान को हुए नुकसान का आकलन कराने तथा सरकारी मानकों के अनुसार शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। अब पीड़ित परिवार को प्रशासन की ओर से राहत मिलने का इंतजार है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते आर्थिक सहायता मिल जाती है तो वह मकान का पुनर्निर्माण कराकर परिवार को सुरक्षित छत उपलब्ध करा सकेगा।
पीड़ित शशांक राणा ने प्रशासन से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन कराया जाए और आपदा राहत के तहत नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाए। वहीं, क्षेत्र के लोगों का भी कहना है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों की प्रशासनिक स्तर पर मदद होनी चाहिए, जिससे संकट की इस घड़ी में उन्हें राहत मिल सके।
