नीरज प्रजापति
दिन में छाया अंधेरा, बारिश और तेज हवाओं ने बिगाड़ा जनजीवन का गणित, सड़कों पर थमे वाहन, घरों से बाजारों तक कामकाज प्रभावित।
मुजफ्फरनगर। रविवार को अचानक बदले मौसम ने मुजफ्फरनगर में जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। आसमान में घने काले बादल छाने के बाद तेज अंधड़ और बारिश ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। कुछ ही देर में मौसम का मिजाज ऐसा बदला कि सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हो गई और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गईं। मौसम के इस अप्रत्याशित तेवर ने शहर की सामान्य दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर दिया।
काले बादलों ने दिन में कर दिया अंधेरा, सड़कों पर मची असमंजस की स्थिति
दिन के समय अचानक आसमान पर बादलों का पहरा छा गया। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू होते ही सड़क पर चल रहे लोगों को सुरक्षित ठिकाने तलाशने पड़े। दोपहिया वाहन चालकों के लिए तेज हवाओं और बारिश के बीच सफर करना चुनौतीपूर्ण हो गया, जबकि पैदल राहगीरों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौसम की तेजी ने वाहन चालकों को रफ्तार कम करने और अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिए मजबूर कर दिया।
बिजली आपूर्ति पर मौसम की मार, घरों और कारोबार की गतिविधियां प्रभावित
तेज हवाओं और बारिश के बीच जनपद के कई इलाकों में बिजली गुल होने की सूचना सामने आई। विद्युत आपूर्ति बाधित होने से घरों के दैनिक कामकाज के साथ दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। बिजली जाने से लोगों की परेशानी उस समय और बढ़ गई, जब मौसम की मार से बाहर निकलना भी आसान नहीं रहा। प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल होने को लेकर तत्काल स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
खराब मौसम में लापरवाही पड़ सकती है भारी
मौसम के बिगड़े हालात के बीच सुरक्षा को लेकर सतर्कता बेहद जरूरी है। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों, लटकते तारों और कमजोर होर्डिंग के पास खड़े होने से बचना चाहिए। अनावश्यक यात्रा टालना और वाहन चलाते समय धीमी गति बनाए रखना भी जरूरी है। बिजली के टूटे तार दिखाई देने पर उनसे दूरी बनाए रखें और संबंधित विभाग को सूचना दें।
मुजफ्फरनगर में मौसम के इस अचानक बदलाव ने एक बार फिर दिखा दिया कि कुछ ही मिनटों में बदलने वाली प्राकृतिक परिस्थितियां आम जनजीवन और बिजली व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में लोगों की सुरक्षा के साथ प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल करना प्राथमिकता बना हुआ है।
