गंगा सप्तमी पर मार्मिक अपील – गंगा के आंचल को मैला होने से बचाएं

अस्सी घाट पर चला वृहद स्वच्छता अभियान – गंगा से निकाली गईं पॉलीथिन, कपड़े, शीशा व लोहे की तस्वीरें

वाराणसी, 03 मई (हि.स.) । गंगा अवतरण दिवस (गंगा सप्तमी) के पावन अवसर पर शनिवार को जनमानस से गंगा को निर्मल बनाए रखने की मार्मिक अपील की गई। अस्सी घाट पर 137 सीईटीएफ, 39 जीआर गंगा टास्क फोर्स, नमामि गंगे गंगा विचार मंच, नगर निगम और सिप्पा टीम के संयुक्त तत्वावधान में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया।

सभी सहभागी “हर हर गंगे”, “नमामि गंगे”, और “नहीं रुकेंगे हम, स्वच्छ करेंगे हम” जैसे संकल्पों के साथ जुटे। घाट के पंडा, पुरोहित, नाविक समाज और दुकानदारों से स्वच्छता के प्रति विशेष सतर्कता बरतने का आग्रह किया गया। संदेश दिया गया कि गंगा केवल एक नदी नहीं, हमारी संस्कृति की धारा है। आइए, इस गंगा सप्तमी पर संकल्प लें – गंगा के आंचल को मैला नहीं होने देंगे। स्वच्छता को आदत बनाएं, न कि अवसर। इस दौरान बच्चों ने हाथों में स्वच्छता संदेशों वाली तख्तियां लेकर श्रद्धालुओं को प्रेरित किया – “स्वच्छ गंगा, निर्मल गंगा – यही हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है।” ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से लोगों को जागरूक करते हुए गंगा टास्क फोर्स के सूबेदार देवेंद्र बसनेट ने कहा, “यदि हम गंगा में गंदगी डालना बंद कर दें, तो सफाई की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम गंदगी से बचें।”

नमामि गंगे गंगा विचार मंच के जिला संयोजक शिवम अग्रहरि ने कहा कि हमें रूढ़िवादी मान्यताओं से ऊपर उठकर गंगा स्वच्छता को प्राथमिकता देनी होगी। धार्मिक वस्तुओं के निस्तारण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था अपनानी चाहिए, जिससे आस्था भी बनी रहे और गंगा भी प्रदूषित न हो। स्वच्छता अभियान के दौरान गंगा से बड़ी मात्रा में पॉलीथिन, पुराने कपड़े, शीशे के टुकड़े, लोहे से बनी तस्वीरें और मूर्तियां, निर्माल्य आदि निकाले गए। यह दृश्य खुद में पीड़ा देने वाला था, जो हमारी लापरवाही का प्रतीक है।

इसके बाद सभी स्वयंसेवकों ने मिलकर घाट की सफाई में घंटों श्रमदान किया। इस कार्य में पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के शिवेश्वर राय, जय विश्वकर्मा, अंकिता जेटली, भीम सिंह, सोनी, सिप्पा टीम के प्रतीक, आनंद, राजा, शशांक, नगर निगम के आलोक, धनवाती, पुला और पप्पू ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

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