वर्ष 2026 संपूर्ण विश्व के लिए ऐतिहासिक गवाह बनने वाला है। 12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने वाला है। लगभग 98 दिन बाद आकाश में एक अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा। जब दिन की रोशनी में अकस्मात ‘काली रात’ छा जाएगी।

PunjabKesari Solar Eclipse 2026

2 मिनट 18 सेकंड तक थम जाएगा विश्व का मंजर
12 अगस्त 2026 को लगने वाले पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच इस तरह आएगा कि सूरज पूरी तरह से ढक जाएगा। यह घोर अंधकार लगभग 2 मिनट 18 सेकंड तक रहने वाला है। इस अंतराल के दौरान तापमान में भारी गिरावट देखने को मिलेगी। दिन के उजाले में भी तारे साफ दिखाई देंगे। वैज्ञानिकों का कहना है, यह अलाइनमेंट मुमकीन हो पाता है क्योंकि सूर्य का आकार चंद्रमा से 400 गुना अधिक है लेकिन वह चंद्रमा से 400 गुना की दूरी पर भी है। तभी तो दोनों एक समान दिखाई देते हैं।

भारत पर क्या रहेगा प्रभाव?
यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए किसी भी तरह का नकारात्मक और सकारात्मक प्रभाव भी मायने नहीं रखता। जिस समय ये ग्रहण लगेगा, उस वक्त भारत में रात होगी। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण 12 अगस्त की रात 9:04 बजे शुरू होकर 13 अगस्त की सुबह 4:25 बजे तक रहेगा।

सूतक काल और धार्मिक मान्यताएं
सूर्य ग्रहण भारतीय समय के अनुसार रात्रि के समय लग रहा है इसलिए भारत में इसका सूतक मान्य नहीं होगा। हालांकि धार्मिक जानकारों की मानें तो भले ही सूर्य ग्रहण का सूतक मान्य न हो लेकिन ग्रहण से संबंधित सावधानियां इस दौरान बरतनी चाहिए। आपको बता दें कि सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से ठीक 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है और ग्रहण समाप्त होने पर खत्म होता है। मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे और सामान्य दिनचर्या पर कोई पाबंदी नहीं होगी।

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दुनिया के इन देशों में दिखेगा ‘महा-ग्रहण’
इस ऐतिहासिक नजारे को सबसे पहले ग्रीनलैंड के आर्कटिक फियोर्ड्स में देखा जा सकेगा। उसके बाद यह आइसलैंड और फिर स्पेन में दिखेगा। यूरोप में आखिरी बार 1999 में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने को मिला था। उसके बाद अब वर्ष 2026 में पुन: पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा। स्पेन में तो यह नजारा सूर्यास्त से ठीक पहले देखा जा सकेगा, जो फोटोग्राफी का शौक रखने वालों के लिए एक शानदार अवसर होगा।

सावधानी 
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि पूर्ण सूर्य ग्रहण सीधे रूप से आंखों को प्रभावित कर सकता है। सूरज को देखना आपके रेटिना को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है, जिसके परिणामस्वरूप अंधापन और धुंधलापन हो सकता है। आंखों में जलन या दर्द की समस्या शुरु हो जाती है। इस तरह के लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें। आंखों की रोशनी को सुरक्षित रखने के लिए ‘सोलर एक्लिप्स ग्लासेज’ का उपयोग करें। सूर्य ग्रहण देखने के बाद अपनी आंखों की जांच जरूर कराएं।

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