केरल में सत्ता परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने बुधवार को राज्य की 15वीं विधानसभा को भंग करने की आधिकारिक घोषणा कर दी। वहीं आज जारी राजपत्र अधिसूचना (Gazette Notification) के अनुसार यह फैसला 6 मई 2026 से प्रभावी माना गया है। यह कदम हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद उठाया गया है।

अधिसूचना के अनुसार राज्यपाल ने बुधवार को विधानसभा भंग की। अधिसूचना में कहा गया है भारत के संविधान के अनुच्छेद 174 के खंड (2) के उपखंड (बी) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं, राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर केरल का राज्यपाल, आज छह मई 2026 से प्रभावी रूप से केरल की पंद्रहवीं विधानसभा को भंग करता हूं।

यह कदम नौ अप्रैल को हुए केरल विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद उठाया गया है जिसमें कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने 140 में से 102 सीटें जीतकर शानदार जीत हासिल की। वहीं, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को करारी हार का सामना करना पड़ा और वह केवल 35 सीटें ही जीत सका। भाजपा ने भी राज्य में तीन सीटें जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। माकपा नेता पिनराई विजयन ने चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

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