इत्र नगरी से ही सियासी करियर का आगाज करके जीत की हैट्रिक लगाने वाले सपा मुखिया अखिलेश यादव 15 साल बाद फिर से इत्र नगरी से लौटे और जीत का चौका लगा डाला। पिछले चुनाव में यहां मिली हार का बदला लेते हुए रिकॉर्ड वोटों से जीत हासिल करके सपा का गढ़ भी वापस हासिल कर लिया। सपा का मुखिया बनने से पहले अखिलेश यादव ने सियासत का ककहरा इत्र नगरी की गलियों में ही सीखा था। अब से 24 साल पहले साल 2000 में हुए उपचुनाव में पहली बार यहां से ताल ठोकने वाले अखिलेश यादव ने उसी चुनाव से जीत का आगाज भी कर दिया था। उसके बाद वह 2004 और 2009 के चुनाव में भी लगातार इस सीट से हैट्रिक लगाने वाले वह इकलौते सांसद हैं। कन्नौज संसदीय सीट पर अखिलेश यादव और सुब्रत पाठक के बीच यह दूसरा मुकाबला था। इसके पहले दोनों के बीच 2009 के चुनाव में मुकाबला हुआ था। सुब्रत का वह पहला चुनाव था तब अखिलेश यादव जीते थे। सुब्रत पाठक उस चुनाव में तीसरे नंबर पर रहे थे। अब 15 साल बाद फिर से दोनों आमने-सामने आए फिर से बाजी अखिलेश यादव के ही हाथ लगी। इस सीट से सुब्रत पाठक का यह लगातार चौथा चुनाव था, इसमें उन्हें तीसरी बार हार मिली है।
By मुदगल टाइम्स ब्यूरो
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